*आज का पञ्चाङ्ग*
*दिनांक – 24 मई 2026*
*दिन – रविवार*
*संवत्सर – रौद्र*
*विक्रम संवत 2083*
*शक संवत -1948*
*कलि युगाब्द – 5128*
*अयन – उत्तरायण*
*ऋतु – ग्रीष्म ॠतु*
*मास – अधिक ज्येष्ठ*
*पक्ष – शुक्ल*
*तिथि – नवमी 25 मई प्रातः 04:30 तक तत्पश्चात दशमी*
*नक्षत्र – पूर्वाफाल्गुनी 25 मई रात्रि 02:51 तक तत्पश्चात उत्तराफाल्गुनी*
*योग – हर्षण 25 मई रात्रि 03:45 तक तत्पश्चात वज्र*
*राहुकाल – शाम 04:30 से शाम 06:00 तक*
*सूर्योदय – 05:19*
*सूर्यास्त – 06:41*
स्थानीय समयानुसार राहुकाल सूर्यास्त सूर्योदय समय में अंतर सम्भव है।
*दिशाशूल – पश्चिम दिशा मे*
*अग्निवास*
09+01+01=11÷4=03 प्रथ्वी लोक में।
*शिववास*
09+09+5=23÷7 =02 गौरी सन्निधौ वासे।
व्रत पर्व विवरण-
💥 विशेष – नवमी को लौकी खाना गोमांस के समान त्याज्य है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
*गंगा दशहरा*
*26 मई 2026 मंगलवार को गंगा दशहरा ।*
नारद पुराण के अनुसार ज्येष्ठ मास को मंगलवार को शुक्लपक्ष में दशमी तिथि को हस्त नक्षत्र में जाह्नवी का पहाडों से मर्त्यलोक में अवतरण हुआ। इस दिन वह आद्यगंगा स्नान करने पर दसगुने पाप हर लेती हैं।
*ज्येष्ठे मासि क्षितिसुतदिने शुक्लपक्षे दशम्यां हस्ते शैलादवतरदसौ जाह्नवी मर्त्यलोकम् ।*
*पापान्यस्यां हरति हि तिथौ सा दशैषाद्यगंगा पुण्यं दद्यादपि शतगुणं वाजिमेधक्रतोश्च।।*
*ब्रह्म पुराण अध्याय 63*
*शुक्लपक्षस्य दशमी ज्येष्ठे मासि द्विजोत्तमाः। हरते दश पापानि तस्माद्दशहरा स्मृता।। ६३.१५ ।।*
*यस्तस्यां हलिनं कृष्णं पश्येद्भद्रां सुसंयतः। सर्वपापाविनिर्मुक्तो विष्णुलोकं व्रजेन्नरः।। ६३.१६ ।।*
ज्येष्ठ मास के शुक्लपक्ष की दशमी तिथि दस पापों को हरती है इसलिए उसे दशहरा कहा गया है। उस दिन जो लोग अपनी इन्द्रियों को वश में रखते हुए श्रीकृष्ण, बलराम और सुभद्रा का दर्शन करते हैं वे सब पापों से मुक्त हो विष्णुलोक जाते हैं।
*स्कन्दपुराण में लिखा हुआ है की*
*ज्येष्ठस्य शुक्लदशमी संवत्सरमुखी स्मृता।*
*तस्यां स्नानं प्रकुवर्तीत दानञ्चैव विशेषतः॥*
ज्येष्ठ शुक्ला दशमी संवत्सरमुखी मानी गई है इसमें स्नान और दान तो विशेष करके करें।
*यां काञ्चित् सरितं पाप्य दद्याद्दर्भैस्तिलोदकम्।*
*मुच्यते दशमिः पापैः सुमहापातकोपमैः॥*
किसी भी नदी पर जाकर अर्घ्य (पूजादिक) एवं तिलोदक (तीर्थ प्राप्ति निमित्तक तर्पण) अवश्य करें। ऐसा करने वाला महापातकों के बराबर के दस पापों से छूट जाता है।
*गंगा दशहरा*
➡ *26 मई 2026 मंगलवार को गंगा दशहरा ।*
भारतीय संस्कृति में गंगा का विशेष महत्व है। हिंदू धर्म में भी गंगा का देव नदी कहा गया है यानी देवताओं की नदी। गंगा दशहरा के मौके पर हम आपको बता रहे हैं गंगा जल के कुछ आसान उपाय।
➡ अगर परिवार के लोगों में नहीं बनती तो रोज सुबह पूरे घर में गंगा जल छिड़के ।इससे घर की नेगेटिविटी कम होगी और शांति का माहौल बनेगा ।
➡ दक्षिणावर्ती शंख में गंगा जल भर कर उससे भगवान विष्णु का अभिषेक करें ।इससे भगवान विष्णु के साथ-साथ माता लक्ष्मी भी प्रसन्न होगी ।
➡ परिवार में सुख-समृद्धि चाहते हैं तो पीपल के पेड़ पर रोज गंगा जल चढ़ाएं, क्योंकि पीपल में भगवान विष्णु का वास मना गया है ।
➡ दुकान में किसी ने तंत्र प्रयोग किया हो तो पूरी दुकान में गंगा जल छिड़के ।इससे उस जगह की नेगेटिविटी खत्म हो जाएगी और व्यवसाय चलने लगेगा ।
👉 26 मई 2026 दिन मंगलवार गंगा दशहरा।
*एकादशी*
27 मई 2026 दिन बुधवार पुरुषोत्तमा एकादशी व्रत सर्वे।
*प्रदोष व्रत*
28 मई 2026 दिन गुरुवार प्रदोष व्रत।
*पूर्णिमा*
30 मई 2026 दिन शनिवार व्रत पूर्णिमा।
31 मई 2026 दिन रविवार स्नान दान पूर्णिमा।
*पंo वेदान्त अवस्थी*



