*~ आज का पञ्चाङ्ग ~*
*दिनांक – 29 जून 2026*
*दिन – सोमवार*
*संवत्सर – रौद्र*
*विक्रम संवत 2083*
*शक संवत -1948*
*कलि युगाब्द – 5128*
*अयन – उत्तरायण*
*ऋतु – ग्रीष्म ॠतु*
*मास – ज्येष्ठ*
*पक्ष – शुक्ल*
*तिथि – पूर्णिमा 30 जून प्रात:05:26 तक तत्पश्चात प्रतिपदा*
*नक्षत्र – मूल 30 जून प्रात: 04:03 तक तत्पश्चात पूर्वाषाढा*
*योग – शुक्ल दोपहर 02:26 तक तत्पश्चात ब्रह्म*
*राहुकाल – सुबह 07:30 से सुबह 09:00 तक*
*सूर्योदय – 05:13*
*सूर्यास्त – 06:47*
स्थानीय समयानुसार राहुकाल सूर्यास्त सूर्योदय समय में अंतर सम्भव है।
*दिशाशूल – पूर्व दिशा मे*
*अग्निवास*
15+02+01=18÷4=02 पपाताल लोक में।
*शिववास*
15+15+5=35÷7 =00 श्मशान वासे।
व्रत पर्व विवरण- व्रत पूर्णिमा, ज्येष्ठ पूर्णिमा, वट पूर्णिमा, देवस्नान पूर्णिमा, वट सावित्री व्रत
विशेष- पूर्णिमा एवं व्रत के दिन तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)
*अनिद्रा से छुटकारा*
१० मिनट विधिवत श्वासन करने से या जीभ के अग्रभाग को दाँतो से थोडा दबाकर १० मिनट तक ज्ञान मुद्रा लगा के बैठने से शारीरिक – मानसिक तनाव व अनिद्रा आदि की बीमारी दूर होती है |
*विद्यालाभ योग*
*01 एवं 02 जुलाई को विद्यालाभ योग*
*विद्यालाभ के लिए मंत्र*
*ॐ ऐं ह्रीं श्रीं क्लीं वाग्वादिनि सरस्वति मम जिह्वाग्रे वद वद ॐ ऐं ह्रीं श्रीं क्लीं नमः स्वाहा ।*
विशेष – जिन राज्यों में पूर्णिमा को माह का अंत माना जाता है वहाँ यह मंत्र 01 जुलाई 2026 बुधवार को सुबह 06:51 से रात्रि 11:45 तक 108 बार जप लें और फिर मंत्रजप के बाद रात्रि 11:00 से 12:00 बजे के बीच जीभ पर लाल चंदन से “ह्रीं” मंत्र लिख दें । जिसकी जीभ पर यह मंत्र इस विधि से लिखा जायेगा, उसे विद्यालाभ व विद्वत्ता की प्राप्ति होगी |
02 जुलाई, गुरुवार को प्रातः 04:21 से सुबह 09:27 तक 108 बार जप लें और फिर मंत्रजप के बाद रात्रि 11:00 से 12:00 बजे के बीच जीभ पर लाल चंदन से “ह्रीं” मंत्र लिख दें । जिसकी जीभ पर यह मंत्र इस विधि से लिखा जायेगा, उसे विद्यालाभ व विद्वत्ता की प्राप्ति होगी |
*पंo वेदान्त अवस्थी*
आज का पंचांग 29 जून 2026
By Janhit TV
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