*एक जड़ी-बूटी बांधने से बीपी-शुगर गायब, 20 बर्षो से पीड़ित मानवता की सेवा में जुटे केमला* रीवा। जिले के रायपुर कर्चुलियान ब्लाक अंतर्गत मनिकवार -मानपुर निवासी केमला विश्वकर्मा जंगली जड़ी बूटियां के सहारे पीड़ित मानवता की सेवा में तकरीबन 20 वर्षों जुटे हुए हैं। श्री विश्वकर्मा का दावा है कि एक जड़ी एवं हनुमान जी की असीम कृपा से अब तक हजारों मरीज ठीक हो चुके हैं। जिनमें बीपी- शुगर सहित सर दर्द, मिर्गी, पीलिया, निमोनिया, दांत-कान दर्द सहित अन्य बीमारियों से पीड़ित मरीज शामिल रहे। वैद्य केमला की मानें तो उनके पास कटनी नागपुर, जबलपुर, रीवा संभाग तक के समस्या पीड़ित मरीज घर आने लगे हैं । वह दवा हर हफ्ते के रविवार व बुधवार को निजी घर में ही वैद्य सुबह देते हैं। उल्लेखनीय है कि जहां इस समय आम जन सबसे ज्यादा बीपी और शुगर बीमारी से ग्रस्त है। यह एक ऐसी बीमारी बन चुकी है जिसे अगर नजर अंदाज किया गया तो जीवन के लिए यह घातक सिद्ध हो होती है। शरीर तो खोखला होता ही है पीड़ितों की जेब भी खाली होती जाती है। उक्त बीमारी का उपचार तो है लेकिन निदान संभव नहीं हो पाया बस गोली खाते रहिए। लेकिन ग्रामीण वैद्य के अनुसार एक प्रसिद्ध संत द्वारा बताई गई जंगली जड़ी को मात्र बांधने से बीपी-शुगर जैसी बीमारी छू मंतर हो जाती है। बहरहाल अखबार यह पुष्टि नहीं कर रहा , वैद्य द्वारा दी गई जानकारी पर खबर आधारित है। वहीं सुनने में जरूर आया है। जड़ी-बूटी लेने के लिए मनिकवार पुलिस चौकी क्षेत्र अंतर्गत। मानपुर निवासी वैद्य श्री विश्वकर्मा के यहां हफ्ते में दो दिन पीड़ितों की संख्या बढ़ने जरूर लगी है। इसमें सच्चाई कितनी है यह तो शोधकर्ता ही बता सकते हैं।





