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अब घर भी सुरक्षित नहीं,रात के अंधेरे में युवती को उठा ले गया तेंदुआ, सुबह मिली खून से लथपथ लाश*

By Janhit TV

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*अब घर भी सुरक्षित नहीं रात के अंधेरे में युवती को उठा ले गया तेंदुआ, सुबह मिली खून से लथपथ लाश*

शहडोल। जंगल सिमट रहे हैं, इंसानी दखल बढ़ रहा है और अब वन्यजीवों की दस्तक गांवों की चौखट तक पहुंचने लगी है। शहडोल में हाथियों के झुंड की आवाजाही और रिहायशी इलाकों में भालू की लगातार मौजूदगी के बीच अब तेंदुए के हमले ने एक परिवार की खुशियां उजाड़ दीं. यहां घर में सो रही 18 वर्षीय युवती को तेंदुआ अपने मजबूत जबड़ों में दबाकर उठा ले गया, सुबह घर से कुछ दूरी पर उसका क्षत-विक्षत शव मिला, इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।

दर्दनाक घटना जयसिंहनगर वन परिक्षेत्र के कल्लेय बीट अंतर्गत तगावर गांव के राजस्व क्षेत्र की है। जानकारी के मुताबिक 18 वर्षीय सरस्वती सिंह गोंड अपनी मां और बहन के साथ कच्चे और जर्जर मकान में सो रही थी, उसके पिता बाहर मजदूरी करते हैं। मकान की हालत बेहद खराब थी और उसमें ठीक से दरवाजा तक नहीं लगा था, इसी वजह से घर का हिस्सा खुला रहता था। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से इलाके में एक तेंदुआ विचरण कर रहा था।देर रात इसी तेंदुए ने घर में घुसकर सो रही सरस्वती को अपने जबड़ों में दबोचा और उठा ले गया,सुबह जब परिजनों की नींद खुली तो सरस्वती बिस्तर पर नहीं मिली।परिवार के लोग घबराकर उसकी तलाश में जुट गए। घर से कुछ दूरी पर युवती का क्षत-विक्षत शव मिलने से परिवार में चीख-पुकार मच गई, घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है।

गौरतलब है कि शहडोल जिले में पहले से ही हाथियों के झुंड और भालुओं की रिहायशी इलाकों में आवाजाही लोगों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। अब आबादी के बीच तेंदुए के इस जानलेवा हमले ने मानव-वन्यजीव संघर्ष की गंभीरता उजागर कर दी है। सवाल यह है कि जंगलों से निकलकर गांवों तक पहुंच रहे वन्यजीवों से ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए आखिर ठोस इंतजाम कब होंगे।

शहडोल से लगे उमरिया जिले के घुनघुटी क्षेत्र और अनूपपुर के अमरकंटक जंगलों में पेड़ों की कटाई को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में जंगलों में बढ़ती मानवीय दखल और वन क्षेत्रों के सिकुड़ने का वन्यजीवों की आवाजाही पर क्या असर पड़ रहा है, इसकी गंभीरता से पड़ताल जरूरी है। हाथियों और भालू के साथ तेंदुआ रिहायशी इलाकों के आसपास बढ़ती मौजूदगी केवल ग्रामीणों की सुरक्षा का सवाल नहीं, बल्कि जंगल और वन्यजीवों के संरक्षण से जुड़ी बड़ी चुनौती भी है।

इस पूरे मामले में उत्तर वन मंडलाधिकारी (DFO) तरुणा वर्मा ने बताया ने जानकारी देते हुए बताया कि जैसिंहनगर रेंज के टगावर गांव में तेंदुए के हमले में 18 वर्षीय युवती सरस्वती की मौत बेहद दुखद घटना है। जिस घर में युवती सो रही थी, उसमें दरवाजे नहीं थे और मकान खुला था, क्षेत्र में अत्यधिक गरीबी है, जहां लोग मजदूरी के लिए बाहर जाते हैं और घरों में बच्चे व बुजुर्ग अकेले रह जाते हैं। वन विभाग की ओर से घटना के संबंध में प्रेस नोट जारी किया जा रहा है। वन विभाग पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।

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