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आज का पंचांग 13 जून 2026

By Janhit TV

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*आज का पञ्चाङ्ग*
*दिनांक – 13 जून 2026*
*दिन – शनिवार*
*संवत्सर– रौद्र*
*विक्रम संवत 2083*
*शक संवत -1948*
*कलि युगाब्द – 5128*
*अयन – उत्तरायण*
*ऋतु – ग्रीष्म ॠतु*
*मास – अधिक ज्येष्ठ*
*पक्ष – कृष्ण*
*तिथि – त्रयोदशी शाम 04:07 तक तत्पश्चात चतुर्दशी*
*नक्षत्र – कृत्तिका 14 जून रात्रि 01:16 तक तत्पश्चात रोहिणी*
*योग – सुकर्मा शाम 05:28 तक तत्पश्चात धृति*
*राहुकाल – सुबह 09:00 से सुबह 10:30 तक*
*सूर्योदय – 05:13*
*सूर्यास्त – 06:47*
स्थानीय समयानुसार राहुकाल सूर्यास्त सूर्योदय समय में अंतर सम्भव है।
*दिशाशूल – पूर्व दिशा मे*
*अग्निवास*
28+07+01=36÷4=00 प्रथ्वी लोक में।
*शिववास*
28+28+5=61÷7 =05 भोजन चैव वासे।
*व्रत पर्व विवरण- मासिक शिवरात्रि*
विशेष- त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
*धन-धान्य व सुख-संम्पदा के लिए*
14 जून 2026 रविवार को दर्श अमावस्या एवं 15 जून, सोमवार को अधिक ज्येष्ठ अमावस्या है।
*हर अमावस्या को घर में एक छोटा सा आहुति प्रयोग करें।*
सामग्री : १. काले तिल, २. जौं, ३. चावल, ४. गाय का घी, ५. चंदन पाउडर, ६. गूगल, ७. गुड़, ८. देशी कर्पूर, गौ चंदन या कण्डा।
विधि: गौ चंदन या कण्डे को किसी बर्तन में डालकर हवनकुंड बना लें, फिर उपरोक्त ८ वस्तुओं के मिश्रण से तैयार सामग्री से, घर के सभी सदस्य एकत्रित होकर नीचे दिये गये देवताओं की १-१ आहुति दें।
*आहुति मंत्र*
*१. ॐ कुल देवताभ्यो नमः*
*२. ॐ ग्राम देवताभ्यो नमः*
*३. ॐ ग्रह देवताभ्यो नमः*
*४. ॐ लक्ष्मीपति देवताभ्यो नमः*
*५. ॐ विघ्नविनाशक देवताभ्यो नमः*

*आर्थिक लाभ,बुद्धिलाभ और पुण्यलाभ एक साथ*
15 जून 2026 सोमवार को सूर्योदय से सुबह 08:23 तक सोमवती अमावस्या है।
*दरिद्रता मिटाने हेतु*
जिनको रोजी – रोटी में बरकत न पड़ती हो वे सोमवती अमावस्या के दिन मौन रहकर प्रात: स्नान करें तो १००० गोदान का फल मिलेगा और पीपल देवता की १०८ परिक्रमा करें तथा प्रार्थना करें : ‘हे वृक्षराज ! आपकी जड़ में ब्रह्मा, मध्य में विष्णु और शिखर में शिव तत्व हैं, आपको मेरा नमस्कार है | आप मेरे द्वारा की हुई पूजा को स्वीकार करें और मेरे पापों का हरण करें |’ इससे आरोग्य भी प्राप्त होगा |
🌿 ऐसे ही तुलसी की १०८ परिक्रमा करें और प्रार्थना करें : ‘हे तुलसी माँ ! आप मेरे घर की दरिद्रता – दीनता नष्ट करें |’
दरिद्रता मिटाने के लिए तथा जो नौकरीवाले लोग हैं या जो काम-धंदे में विफल हुए हैं अथवा जिनको किसीसे कुछ लेना बनता है और रुका हुआ है उनके लिए यह बहुत जरूरी है |
*पायें जप का दस लाख गुना लाभ*
सोमवती अमावस्या को किया हुआ जप सूर्यग्रहण के समान १० लाख गुना फलदायी होता है | चौदस की रात्रि को जप करते-करते सोना और सुबह उठकर थोडा शांतमय जप में बैठना | जप की संख्या बढ़ाना नहीं, जप के अर्थ में शांत होते जाना |
करोड़ काम छोड़कर सोमवती अमावस्या को हरि का भजन और तुलसी की परिक्रमा तुम्हे करनी ही चाहिए | कोई महिला मासिक धर्म में हो तो उसको छुट है , बाकी के लोग यह जरुर करना | इससे आपको बहुत लाभ होगा | आर्थिक लाभ होगा, बुद्धिलाभ होगा और पुण्यलाभ भी होगा |
*एकादशी*
25 जून 2026 दिन गुरुवार भीमसेनी निर्जला एकादशी व्रत सर्वे।
*प्रदोष व्रत*
12 जून 2026 दिन शुक्रवार प्रदोष व्रत।
13 जून 2026 शनिवार (मासिक शिव रात्रि)।
27 जून 2026 दिन शनिवार प्रदोष व्रत।
*पूर्णिमा*
29 जून 2026 दिन सोमवार स्नान दान व्रत पूर्णिमा।
*अमावस्या*
15 जून 2026 दिन सोमवार देव पितृ कार्य अमावस्या।
सोमवती अमावस्या।
*पंo वेदान्त अवस्थी*

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