*आज का पञ्चाङ्ग*
*दिनांक – 06 मई 2026*
*दिन – बुधवार*
*संवत्सर – रौद्र*
*विक्रम संवत 2083*
*शक संवत -1948*
*कलि युगाब्द – 5128*
*अयन – उत्तरायण*
*ऋतु – ग्रीष्म ॠतु*
*मास – ज्येष्ठ*
*पक्ष – कृष्ण*
*तिथि – चतुर्थी सुबह 07:51 तक तत्पश्चात पंचमी*
*नक्षत्र – मूल शाम 03:54 तक तत्पश्चात पूर्वाषाढा*
*योग – सिद्ध 07 मई रात्रि 01:12 तक तत्पश्चात साध्य*
*राहुकाल – दोपहर 12:00 से दोपहर 01:30 तक*
*सूर्योदय – 05:28*
*सूर्यास्त – 06:32*
स्थानीय समयानुसार राहुकाल सूर्यास्त सूर्योदय समय में अंतर सम्भव है।
*दिशाशूल – उत्तर दिशा मे*
*अग्निवास*
19+04+01=24÷4=00 प्रथ्वी लोक में।
*शिववास*
19+19+5=43÷7 =01 कैलाश वासे।
व्रत पर्व विवरण-
विशेष – चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
*गाय के खुर की मिट्टी*
🐄 जिसका कामकाज सफल नही होता है , पत्नी गो-शाला मे जाकर गाय के खुर की मिट्टी लाये और पति को तिलक कर के पति काम पर जाये तो काम जरुर सफल होता है..गाय की ओरा बड़ी हितकारी होती है ।
*निरोगी व श्री सम्पन्न होने के लिये*
*ॐ हुं विष्णवे नमः*
निरोगी व श्री सम्पन्न होने के लिये इस मन्त्र की एक माला रोज जप करें, तो आरोग्यता और सम्पदा आती हैं ।
*बहुत समस्या रहती हो तो*
जिनको कोई तकलीफ रहती है, कर्जा है, काम धंधा नहीं चलता, नौकरी नहीं मिलती तो
सोमवार का दिन हो ना सुबह बेलपत्र, पानी और दूध | पहले दूध और पानी शिवलिंग पर चढ़ा दो फिर बेलपत्र रख दो |
*त्रिदलं त्रिगुणाकारं त्रिनेत्रं च त्रियायुधं | त्रिजन्म पापसंहारम् एकबिल्वं शिवार्पणं ||*
पाँच बत्ती वाला दीपक जलाकर रख दो और बैठकर थोडा अपना गुरुमंत्र जपो | तो जप भी हो जायेगा, जप का जप, पूजा की पूजा, काम का काम |
मंगलवार को २ मिनट लगेंगे अगर गन्ने का रस मिल जाय थोडा सा या घर पर निकाल सकते है | वो थोडा रस शिवलिंग पर चढ़ा दिया |
*मृत्युंजय महादेव त्राहिमाम् शरणागतमं | जन्म मृत्यु जराव्याधि पीड़ितं कर्मबंधनेहि ||*
बुधवार को थोडा जप कर लिया जल आदि चढ़ा दिया, नारियल रख दिया अगर हो तो नहीं तो कोई जरुरत नहीं है | जिनको ज्यादा तकलीफे है उनके लिए है और जिनको न हो तो हरि ॐ तत् सत् बाकी सब गपसप |
*पंo वेदान्त अवस्थी
6 मई 2026 का पंचांग
By Janhit TV
Published on:


