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आज का पंचांग 29 जुलाई 2025

By Janhit TV

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आज का पञ्चाङ्ग
*दिनांक – 29 जुलाई 2025*
*दिन – मंगलवार*
*संवत्सर – सिद्धार्थ*
*विक्रम संवत 2082*
*शक संवत -1947*
*कलि युगाब्द – 5127*
*अयन – दक्षिणायन*
*ऋतु – वर्षा ॠतु*
*मास – श्रावण*
*पक्ष – शुक्ल*
*तिथि – पंचमी रात्रि 12:46 तक तत्पश्चात षष्ठी*
*नक्षत्र – उत्तराफाल्गुनी शाम 07:27 तक तत्पश्चात हस्त*
*योग – शिव 30 जुलाई रात्रि 03:05 तक तत्पश्चात सिद्ध*
*राहुकाल – शाम 04:02 से शाम 05:40 तक*
*सूर्योदय – 05:23*
*सूर्यास्त – 06:37*
स्थानीय समयानुसार राहुकाल सूर्यास्त सूर्योदय समय में अंतर सम्भव है।
*दिशाशूल – उत्तर दिशा मे*
*अग्निवास*
05+03+01=09÷4=01 स्वर्ग लोक में।
*शिववास*
05+05+5=15÷7 =01 कैलाश वासे।
*व्रत पर्व विवरण – नाग पंचमी,मंगलागौरी पूजन*
विशेष – पंचमी को बेल खाने से कलंक लगता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)
चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।
*नागपंचमी*
श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नागपंचमी का पर्व मनाया जाता है। इस पर्व पर प्रमुख नाग मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है और भक्त नागदेवता के दर्शन व पूजा करते हैं। सिर्फ मंदिरों में ही नहीं बल्कि घर-घर में इस दिन नागदेवता की पूजा करने का विधान है।
ऐसी मान्यता है कि जो भी इस दिन श्रद्धा व भक्ति से नागदेवता का पूजन करता है उसे व उसके परिवार को कभी भी सर्प भय नहीं होता। इस बार यह पर्व 29 जुलाई मंगलवार को है। इस दिन नागदेवता की पूजा किस प्रकार करें, इसकी विधि इस प्रकार है-
*पूजन विधि*
नागपंचमी पर सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करने के बाद सबसे पहले भगवान शंकर का ध्यान करें इसके बाद नाग-नागिन के जोड़े की प्रतिमा (सोने, चांदी या तांबे से निर्मित) के सामने यह मंत्र बोलें-
*अनन्तं वासुकिं शेषं पद्मनाभं च कम्बलम्।*
*शंखपाल धृतराष्ट्रं तक्षकं कालियं तथा।।*
*एतानि नव नामानि नागानां च महात्मनाम्।*
*सायंकाले पठेन्नित्यं प्रात:काले विशेषत:।।*
*तस्मै विषभयं नास्ति सर्वत्र विजयी भवेत्।।*
इसके बाद पूजा व उपवास का संकल्प लें। नाग-नागिन के जोड़े की प्रतिमा को दूध से स्नान करवाएं। इसके बाद शुद्ध जल से स्नान कराकर गंध, फूल, धूप, दीप से पूजा करें व सफेद मिठाई का भोग लगाएं। यह प्रार्थना करें-
*सर्वे नागा: प्रीयन्तां मे ये केचित् पृथिवीतले।।*
*ये च हेलिमरीचिस्था येन्तरे दिवि संस्थिता।*
*ये नदीषु महानागा ये सरस्वतिगामिन:।*
*ये च वापीतडागेषु तेषु सर्वेषु वै नम:।।*
*प्रार्थना के बाद नाग गायत्री मंत्र का जप करें-*
*ऊँ नागकुलाय विद्महे विषदन्ताय धीमहि तन्नो सर्प: प्रचोदयात्।*
*इसके बाद सर्प सूक्त का पाठ करें*
*ब्रह्मलोकुषु ये सर्पा: शेषनाग पुरोगमा:।*
*नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीता: मम सर्वदा।।*
*इन्द्रलोकेषु ये सर्पा: वासुकि प्रमुखादय:।*
*नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीता: मम सर्वदा।।*
*कद्रवेयाश्च ये सर्पा: मातृभक्ति परायणा।*
*नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीता: मम सर्वदा।।*
*इंद्रलोकेषु ये सर्पा: तक्षका प्रमुखादय:।*
*नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीता: मम सर्वदा।।*
*सत्यलोकेषु ये सर्पा: वासुकिना च रक्षिता।*
*नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीता: मम सर्वदा।।*
*मलये चैव ये सर्पा: कर्कोटक प्रमुखादय:।*
*नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीता: मम सर्वदा।।*
*पृथिव्यांचैव ये सर्पा: ये साकेत वासिता।*
*नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीता: मम सर्वदा।।*
*सर्वग्रामेषु ये सर्पा: वसंतिषु संच्छिता।*
*नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीता: मम सर्वदा।।*
*ग्रामे वा यदिवारण्ये ये सर्पा प्रचरन्ति च।*
*नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीता: मम सर्वदा।।*
*समुद्रतीरे ये सर्पा ये सर्पा जलवासिन:।*
*नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीता: मम सर्वदा।।*
*रसातलेषु या सर्पा: अनन्तादि महाबला:।*
*नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीता: मम सर्वदा।।*
नागदेवता की आरती करें और प्रसाद बांट दें। इस प्रकार पूजा करने से नागदेवता प्रसन्न होते हैं और हर मनोकामना पूरी करते हैं।

*पंचक*
09 अगस्त 2025 दिन शनिवार रात्रि 02:11 बजे से 14 अगस्त 2025 दिन सुबह 09:06 बजे तक।
*एकादशी*
05 अगस्त 2025 दिन मंगलवार पुत्रदा एकादशी व्रत सर्वे ।
*प्रदोष व्रत*
06 अगस्त 2025 दिन बुधवार प्रदोष व्रत।
*पूर्णिमा*
08 अगस्त2025 दिन शुक्रवार वृत पूर्णिमा।
09 अगस्त 2025 दिन शनिवार श्रावणी उपाकर्म (रक्षा बन्धन) स्नान दान पूर्णिमा।
*पंo वेदान्त अवस्थी*

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