आज का पञ्चाङ्ग~
*दिनांक – 06 अक्टूबर 2026*
*दिन – मंगलवार*
*संवत्सर – रौद्र*
*विक्रम संवत् – 2083*
*शक संवत – 1948*
*कलि युगाब्द – 5128*
*अयन – दक्षिणायण*
*ऋतु – शरद*
*मास – आश्विन*
*पक्ष – कृष्ण*
*तिथि – एकादशी मध्यरात्रि 12:34 तक तत्पश्चात् द्वादशी*
*नक्षत्र – अश्लेशा रात्रि 10:17 तक तत्पश्चात् मघा*
*योग – सिद्ध सुबह 07:20 तक, तत्पश्चात् साध्य प्रातः 05:00 अक्टूबर 07 तक, तत्पश्चात् शुभ*
*राहुकाल – दोपहर 03:00 से शाम 04:30 तक*
*सूर्योदय – 06:08*
*सूर्यास्त – 05:52*
स्थानीय समयानुसार राहुकाल सूर्यास्त सूर्योदय समय में अंतर सम्भव है।
*दिशा शूल – उत्तर दिशा में*
*अग्निवास*
26+03+01=30÷4=02 पाताल लोक में।
*शिववास*
26+26+5=57÷7 =03 वृषारूढ़ा वासे।
व्रत पर्व विवरण – इंदिरा एकादशी, एकादशी का श्राद्ध, सर्वार्थसिद्धि योग (सूर्योदय से रात्रि 10:17 तक)
विशेष – एकादशी को शिम्बी (सेम) खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)
आज एकादशी के दिन इस मंत्र के पाठ से विष्णु सहस्रनाम के जप के समान पुण्य प्राप्त होता है l
एकादशी के दिन बाल नहीं कटवाने चाहिए।
एकादशी को चावल व साबूदाना खाना वर्जित है | एकादशी को शिम्बी (सेम) ना खाएं अन्यथा पुत्र का नाश होता है।
जो दोनों पक्षों की एकादशियों को आँवले के रस का प्रयोग कर स्नान करते हैं, उनके पाप नष्ट हो जाते हैं।
चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)
चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।
*इन्दिरा एकादशी विशेष
*इन्दिरा एकादशी : 06 अक्टूबर 2026 मंगलवार*
[06 अक्टूबर सुबह 02:07 (यानी 05 अक्टूबर की रात्रि) से 06 अक्टूबर रात्री 12:34 (यानी 07 अक्टूबर की सुबह) तक] ।
अतः सभी भक्तगण व साधक 06 अक्टूबर को ही एकादशी व्रत रखें व व्रत पारण 07 अक्टूबर 2026 सूर्योदय के बाद करें।
06 अक्टूबर को 🍚चावल ‘नहीं’ खाने हैं। दशमी तीसरे प्रहर के बाद भी चावल ना खाये।
एकादशी के दिन इस एक श्लोक का उच्चारण करने से भगवान विष्णु के एक हज़ार पवित्र नामों अर्थात श्री विष्णुसहस्रनाम स्तोत्र का पाठ करने का फल प्राप्त होता है ।-
*राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे । सहस्रनाम तत्तुल्यं रामनाम वरानने ॥*
8 अक्टूबर के महासंयोग पर इन 5 जगहों पर जरूर जलाएं दीपक! पितर होंगे संतुष्ट, धन-धान्य और वंश की होगी वृद्धि
*इंदिरा एकादशी*
06 अक्टूबर 2026 मंगलवार को इंदिरा एकादशी है।*
*इंदिरा एकादशी व्रत से बड़े – बड़े पापों का नाश हो जाता है | यह नीच योनियों में पड़े हुए पितरों को भी सद्गति देनेवाली है | इसका माहात्म्य पढ़ने-सुनने से मनुष्य सब पापों से मुक्त हो जाता है | – पद्म पुराण
श्राद्ध पक्ष मे एक लोटा जल का करे यह दुर्लभ उपाय नही होगा पित्र दोष
*उन्नतिकारक कुंजियाँ*
हल्का भोजन करने से शरीर में स्थूलता कम होती है, मन भी सूक्ष्म होता है | सूक्ष्म मन प्रसन्नता का द्योतक है |
भृकुटी में तिलक करने से ज्ञानशक्ति का विकास होता है
*शरद नवरात्रि*
11 अक्टूबर 2026 दिन रविवार
सुबह 08:05 से 09:31 बजे तक चंचल वेला, दिवा 09:31 से 12:24 तक लाभ अमृत, दोपहर 12:01 से 12:47 बजे तक अभिजित वेला में पूजन करना शुभ रहेगा।
19 अक्टूबर 2026 दिन सोमवार
महाष्टमी, दुर्गा नवमी वृत।
20 अक्टूबर 2026 दिन मंगलवार
नवरात्रि वृत पारण 09:35 बजे तक।
*एकादशी*
22 अक्टूबर 2026 दिन गुरुवार पापांकुशा एकादशी व्रत सर्वे।
*प्रदोष व्रत*
08 अक्टूबर 2026 दिन गुरुवार प्रदोष व्रत (मासिक शिवरात्रि)।
23 अक्टूबर 2036 दिन शुक्रवार प्रदोष व्रत।
*पूर्णिमा*
25 अक्टूबर 2026 दिन रविवार वृत शरद पूर्णिमा।
26 अक्टूबर 2026 दिन सोमवार स्नान दान पूर्णिमा।
*अमावस्या*
10 अक्टूबर 2026 दिन शनिवार देवकार्य सर्व पितृ विसर्जन अमावस्या।
*पंo वेदान्त अवस्थी*


