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आज का पंचांग 19 सितंबर 2026

By Janhit TV

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*आज का पञ्चाङ्ग*
*दिनांक – 19 सितंबर 2026*
*दिन – शनिवार*
*संवत्सर – रौद्र*
*विक्रम संवत 2083*
*शक संवत -1948*
*अयन – दक्षिणायन*
*कलि युगाब्द – 5128*
*ऋतु – शरद ॠतु*
*मास – भाद्रपद*
*पक्ष – शुक्ल*
*तिथि – अष्टमी शाम 03:26 तक तत्पश्चात नवमी*
*नक्षत्र – मूल 20 सितंबर रात्रि 01:43 तक तत्पश्चात पूर्वाषाढा*
*योग – आयुष्मान दोपहर 02:29 तक तत्पश्चात सौभाग्य*
*राहुकाल – सुबह 09:00 से सुबह 10:30 तक*
*सूर्योदय – 05:57*
*सूर्यास्त – 06:03*
स्थानीय समयानुसार राहुकाल सूर्यास्त सूर्योदय समय में अंतर सम्भव है।
*दिशाशूल – पूर्व दिशा मे*
*अग्निवास*
08+07+01=16÷4=00 प्रथ्वी लोक में।
*शिववास*
08+08+5=21÷7 =00 श्मशान वासे।
*व्रत पर्व विवरण – श्रीराधा अष्टमी,गौरी विसर्जन*
विशेष- अष्टमी को नारियल का फल खाने से बुद्धि का नाश होता है (ब्रह्मवैवर्त पुराण ब्रह्म खण्ड: 27,29,34)
चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)
चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।

*कैसा भी बिखरा हुआ जीवन हो, सँवर जायेगा*
अगर अशांति मिटानी है तो दोनों नथुनों से श्वास लें और ‘ॐ शान्ति:…… शान्ति:’ जप करें और फिर फूँक मार के अशांति को, बाहर फेंक दें | जब तारे नहीं दिखते हों, चन्द्रमा नहीं दिखता हो और सूरज अभी आनेवाले हों तो वह समय मंत्रसिद्धि योग का है, मनोकामना-सिद्धि योग का है |
इस काल में किया हुआ यह प्रयोग अशांति को भगाने में बड़ी मदद देगा | अगर निरोगता प्राप्त करनी है तो आरोग्यता के भाव से श्वास भरें और आरोग्य का मंत्र ‘नासै रोग हरै सब पीरा | जपत निरंतर हनुमत बीरा ||’ जपकर ‘रोग गया’ ऐसा भाव करके फूँक मारें | ऐसा 10 बार करें | कैसा भी रोगी, कैसा भी अशांत और कैसा भी बिखरा हुआ जीवन हो, सँवर जायेगा |

*मनोकामनापूर्ति योग*
देवी भागवत में व्यास भगवान ने बताया है…. भाद्रपद मास, शुक्ल नवमी तिथि हो ….. उस दिन अगर कोई जगदंबाजी का पूजन करता है, तो उसकी मनोकामनायें पूर्ण होती है , और जिंदगी जब तक उसकी रहेगी वो सुखी और संपन्न रहेगा | इस दिन ए मंत्र का जप करें……
*ॐ अम्बिकाय नम :*
*ॐ श्रीं नम :*
*ॐ ह्रीं नम:*
*ॐ पार्वेत्येय नम :*
*ॐ गौराये नम :*
*ॐ शंकरप्रियाय नम :*
थोड़ी देर तक बैठकर जप करना | और जिसको धन धान्य है, वो माँ से कहना मेरी गुरुचरणों में श्रध्दा बढे, भक्ति बढे (ये भी एक संपत्ति है साधक की) मेरी निष्ठा बढे मेरी उपासना बढे |
विशेष – 20 सितम्बर 2026 रविवार को भाद्रपद मास, शुक्ल नवमी तिथि है ।
22 सितम्बर 2026 बुढ़वा मंगल।
25 सितम्बर 2026 दिन शुक्रवार अन्नत चतुर्दशी।
*पंचक*
23 सितम्बर 2026 दिन बुधवार रात्रि 09:57 बजे से 28 सितम्बर 2026 दिन सोमवार सुबह 10:16 बजे तक।
*एकादशी*
22 सितम्बर 2026 दिन मंगलवार पद्मा (कर्मा) एकादशी।
*प्रदोष व्रत*
24 सितम्बर 2026 दिन गुरुवार प्रदोष व्रत।
*पूर्णिमा*
26 सितम्बर 2026 दिन शनिवार स्नान दान वृत पूर्णिमा।
श्राद्ध प्रारम्भ।
*पंo वेदान्त अवस्थी*

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