*आज का पञ्चाङ्ग*
*दिनांक – 09 जुलाई 2026*
*दिन – गुरूवार*
*संवत्सर – रौद्र*
*विक्रम संवत 2083*
*शक संवत -1948*
*कलि युगाब्द – 5128*
*अयन – उत्तरायण*
*ऋतु – ग्रीष्म ॠतु*
*मास – आषाढ*
*पक्ष – कृष्ण*
*तिथि – नवमी सुबह 10:37 तक तत्पश्चात दशमी*
*नक्षत्र – अश्विनी दोपहर 02:56 तक तत्पश्चात भरणी*
*योग – सुकर्मा सुबह 10:12 तक तत्पश्चात धृति*
*राहुकाल – दोपहर 01:30 से शाम 03:00 तक*
*सूर्योदय – 05:15*
*सूर्यास्त – 06:45*
स्थानीय समयानुसार राहुकाल सूर्यास्त सूर्योदय समय में अंतर सम्भव है।
*दिशाशूल – दक्षिण दिशा मे*
*अग्निवास*
24+05+01=30÷4=02 पाताल लोक में।
*शिववास*
24+24+5=53÷7 =04 सभायाम वासे।
व्रत पर्व विवरण-
विशेष- नवमी को लौकी खाना गोमांस के समान त्याज्य है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
दशमी क्षय तिथि
*एकादशी व्रत के लाभ*
*10 जुलाई 2026 शुक्रवार को योगिनी एकादशी (स्मार्त) एवं 11 जुलाई, शनिवार को योगिनी एकादशी (भागवत)*
जो पुण्य सूर्यग्रहण में दान से होता है, उससे कई गुना अधिक पुण्य एकादशी के व्रत से होता है ।
जो पुण्य गौ-दान सुवर्ण-दान, अश्वमेघ यज्ञ से होता है, उससे अधिक पुण्य एकादशी के व्रत से होता है ।
एकादशी करनेवालों के पितर नीच योनि से मुक्त होते हैं और अपने परिवारवालों पर प्रसन्नता बरसाते हैं ।इसलिए यह व्रत करने वालों के घर में सुख-शांति बनी रहती है ।
धन-धान्य, पुत्रादि की वृद्धि होती है ।
कीर्ति बढ़ती है, श्रद्धा-भक्ति बढ़ती है, जिससे जीवन रसमय बनता है ।
परमात्मा की प्रसन्नता प्राप्त होती है ।पूर्वकाल में राजा नहुष, अंबरीष, राजा गाधी आदि जिन्होंने भी एकादशी का व्रत किया, उन्हें इस पृथ्वी का समस्त ऐश्वर्य प्राप्त हुआ ।भगवान शिवजी ने नारद से कहा है : एकादशी का व्रत करने से मनुष्य के सात जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं, इसमे कोई संदेह नहीं है । एकादशी के दिन किये हुए व्रत, गौ-दान आदि का अनंत गुना पुण्य होता है ।
*एकादशी के दिन करने योग्य*
एकादशी को दिया जलाके विष्णु सहस्त्र नाम पढ़ें 👉🏻 विष्णु सहस्त्र नाम नहीं हो तो १० माला गुरुमंत्र का जप कर लें l अगर घर में झगडे होते हों, तो झगड़े शांत हों जायें ऐसा संकल्प करके विष्णु सहस्त्र नाम पढ़ें तो घर के झगड़े भी शांत होंगे l
*एकादशी के दिन ये सावधानी रहे*
महीने में १५-१५ दिन में एकादशी आती है एकादशी का व्रत पाप और रोगों को स्वाहा कर देता है लेकिन वृद्ध, बालक और बीमार व्यक्ति एकादशी न रख सके तभी भी उनको चावल का तो त्याग करना चाहिए एकादशी के दिन जो चावल खाता है… तो धार्मिक ग्रन्थ से एक- एक चावल एक- एक कीड़ा खाने का पाप लगता है।
*एकादशी*
10 जुलाई 2026 योगिनी एकादशी व्रत गृहस्थ।
11 जुलाई 2026 योगिनी एकादशी व्रत वैष्णव।
25 जुलाई 2026 दिन शनिवार देवशयनी एकादशी व्रत सर्वे।
*प्रदोष व्रत*
12 जुलाई 2026 दिन रविवार प्रदोष व्रत। (मासिक शिव रात्रि)
26 जुलाई 2026 दिन रविवार प्रदोष व्रत।
*पूर्णिमा*
29 जुलाई 2026 दिन बुधवार स्नान दान व्रत पूर्णिमा।
*अमावस्या*
14 जुलाई 2026 दिन मंगलवार देवपितृकार्य भौमवती अमावस्या।
*पंo वेदान्त अवस्थी*
आज का पंचांग 9 जुलाई 2026
By Janhit TV
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