*आज का पञ्चाङ्ग*
*दिनांक – 23 अक्टूबर 2026*
*दिन – शुक्रवार*
*संवत्सर – रौद्र*
*विक्रम संवत 2083*
*शक संवत -1948*
*कलि युगाब्द – 5128*
*अयन – दक्षिणायन*
*ऋतु – शरद ॠतु*
*मास – आश्विन*
*पक्ष – शुक्ल*
*तिथि – द्वादशी दोपहर 02:35 तक तत्पश्चात त्रयोदशी*
*नक्षत्र – पूर्वभाद्रपद रात्रि 09:03 तक तत्पश्चात उत्तरभाद्रपद*
*योग – ध्रुव रात्रि 10:08 तक तत्पश्चात व्याघात*
*राहुकाल – सुबह 10:30 से दोपहर 12:00 तक*
*सूर्योदय – 06:22*
*सूर्यास्त – 05:38*
स्थानीय समयानुसार राहुकाल सूर्यास्त सूर्योदय समय में अंतर सम्भव है।
*दिशाशूल – पश्चिम दिशा मे*
*अग्निवास*
12+06+01=18÷4=03 प्रथ्वी लोक में।
*शिववास*
12+12+5=29÷7 =01 कैलाश वासे।
*व्रत पर्व विवरण – प्रदोष व्रत*
विशेष- द्वादशी को पूतिका(पोई) अथवा त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
✨ चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)
✨ चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।
*शरद पूर्णिमा*
*25 अक्टूबर 2026 रविवार को शरद पुर्णिमा है।*
शरद पूर्णिमा रात्रि में चन्द्रमा की किरणों में रखी हुई दूध – चावल की खीर का सेवन पित्तशामक व स्वास्थ्यवर्धक है | इस रात को सुई में धागा पिरोने से नेत्रज्योति बढ़ती है |
*शरद पूर्णिमा पर अध्यात्मिक उन्नति*
🌙 शरद पूनम रात को आध्यात्मिक उत्थान के लिए बहुत फायदेमंद है । इसलिए सबको इस रात को जागरण करना चाहिए अर्थात जहाँ तक संभव हो सोना नही चाहिए और इस पवित्र रात्रि में जप, ध्यान, कीर्तन करना चाहिए ।
*शरद पूनमः चन्द्र-दर्शन शुभ*
इस रात को हजार काम छोड़कर 15 मिनट चन्द्रमा को एकटक निहारना। एक-आध मिनट आँखें पटपटाना। कम-से-कम 15 मिनट चन्द्रमा की किरणों का फायदा लेना, ज्यादा करो तो हरकत नहीं। इससे 32 प्रकार की पित्तसंबंधी बीमारियों में लाभ होगा, शांति होगी।
फिर छत पर या मैदान में विद्युत का कुचालक आसन बिछाकर लेटे-लेटे भी चंद्रमा को देख सकते हैं।
जिनको नेत्रज्योति बढ़ानी हो वे शरद पूनम की रात को सुई में धागा पिरोने की कोशिश करें।
इस रात्रि में ध्यान-भजन, सत्संग कीर्तन, चन्द्रदर्शन आदि शारीरिक व मानसिक आरोग्यता के लिए अत्यन्त लाभदायक है।
🌙 शरद पूर्णिमा की शीतल रात्रि में (9 से 12 बजे के बीच) छत पर चन्द्रमा की किरणों में महीन कपड़े से ढँककर रखी हुई दूध-पोहे अथवा दूध-चावल की खीर अवश्य खानी चाहिए। देर रात होने के कारण कम खायें, भरपेट न खायें, सावधानी बरतें।
*पूर्णिमा*
25 अक्टूबर 2026 दिन रविवार वृत शरद पूर्णिमा।
26 अक्टूबर 2026 दिन सोमवार स्नान दान पूर्णिमा।
*पंo वेदान्त अवस्थी*


