*आज का पञ्चाङ्ग*
*दिनांक – 16 मई 2026*
*दिन – शनिवार*
*संवत्सर – रौद्र*
*विक्रम संवत 2083*
*शक संवत -1948*
*कलि युगाब्द – 5128*
*अयन – उत्तरायण*
*ऋतु – ग्रीष्म ॠतु*
*मास – ज्येष्ठ*
*पक्ष – कृष्ण*
*तिथि – अमावस्या 17 मई रात्रि 01:30 तक तत्पश्चात प्रतिपदा*
*नक्षत्र – भरणी शाम 05:30 तक तत्पश्चात कृत्तिका*
*योग – सौभाग्य सुबह 10:26 तक तत्पश्चात शोभन*
*राहुकाल – सुबह 09:00 से सुबह 10:30 तक*
*सूर्योदय – 05:23*
*सूर्यास्त – 06:37*
स्थानीय समयानुसार राहुकाल सूर्यास्त सूर्योदय समय में अंतर सम्भव है।
*दिशाशूल – पूर्व दिशा मे*
*अग्निवास*
30+07+01=34÷4=02 पाताल लोक में।
*शिववास*
30+30+5=65÷7 =02 गौरी सन्निधौ वासे।
*व्रत पर्व विवरण- दर्श अमावस्या,ज्येष्ठ अमावस्या,भावुका अमावस्या,वटसावित्री व्रत (अमावस्या),श्री शनैश्चर जयंती*
विशेष – अमावस्या व व्रत के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)
*अमावस्या विशेष*
*स्कन्दपुराण के प्रभास खंड के अनुसार*
*”अमावास्यां नरो यस्तु परान्नमुपभुञ्जते ।। तस्य मासकृतं पुण्क्मन्नदातुः प्रजायते”*
जो व्यक्ति अमावस्या को दूसरे का अन्न खाता है उसका महिने भर का पुण्य उस अन्न के स्वामी/दाता को मिल जाता है।
*समृद्धि बढ़ाने के लिए*
🌙 कर्जा हो गया है तो अमावस्या के दूसरे दिन से पूनम तक रोज रात को चन्द्रमा को अर्घ्य दे, समृद्धि बढेगी ।
दीक्षा मे जो मन्त्र मिला है उसका खूब श्रध्दा से जप करना शुरू करें , जो भी समस्या है हल हो जायेगी ।
*अमावस्या* 🌷
अमावस्या के दिन जो वृक्ष, लता आदि को काटता है अथवा उनका एक पत्ता भी तोड़ता है, उसे ब्रह्महत्या का पाप लगता है (विष्णु पुराण)
*अधिकमास (पुरषोत्तम मास) में दीप दान*
पुरषोत्तम मास (17 मई से 15 जून 2026) में पूरा दीप दान करना | मंदिर में दीप जलाके रख दिया, पीपल के नीचे रख दिया, तुलसी को रख दिया | दीप दान की बड़ी महिमा है , पुरषोत्तम मास मे दीप दान से हर आफत शराफत से छूट जायेंगी |
*बरकत बढ़ाने (अधिक मास विशेष)*
*अधिक मास :- 17 मई से 15 जून 2026 तक*
पुरुषोत्तम मास पूरा दोपहर को खाना खाने से पहले भगवत गीता का १५ वां अध्याय पढ़के फिर ही भोजन करना | घर में से बरकत कभी जायेगी ही नहीं | कोई ऐसा है जो भगवत गीता का १५ वां अध्याय पूरा नहीं भी पढ़ सकता तो १५ वें अध्याय का एक श्लोक ही पढ लें | पर १५ वां अध्याय उतना बड़ा नहीं है, चाहें तो पूरा पढ़ सकते हैं |
पुरुषोत्तम मास में अनुष्ठान भी किया जाता है …जप ज्यादा किया जाता है | अधिक मास में जप की अधिक महिमा है | जिसको अनुष्ठान करना हो वे भाई-बहनें पुरुषोत्तम मास का फायदा जरुर उठायें | अनुष्ठान ना कर सकें …….नौकरी धंधे में से समय नहीं मिलता तो जप ज्यादा कर दें | रात को सोने से पहले जप कर लें |
*गंगा स्नान का मंत्र*
गंगा स्नान के लिए रोज हरिद्वार तो जा नही सकते, घर में ही गंगा स्नान का पुन्य मिलने के लिए एक छोटा सा मन्त्र है ..
*ॐ ह्रीं गंगायै ॐ ह्रीं स्वाहा*
ये मन्त्र बोलते हुए स्नान करें तो गंगा स्नान का लाभ होता है |
26 मई 2026 दिन मंगलवार गंगा दशहरा।
*एकादशी*
27 मई 2026 दिन बुधवार पुरुषोत्तमा एकादशी व्रत सर्वे।
*प्रदोष व्रत*
28 मई 2026 दिन गुरुवार प्रदोष व्रत।
*पूर्णिमा*
30 मई 2026 दिन शनिवार व्रत पूर्णिमा।
31 मई 2026 दिन रविवार स्नान दान पूर्णिमा।
*अमावस्या*
16 मई 2026 दिन शनिवार स्नान दान श्राद्ध वट सावित्री अमावस्या।
*पंo वेदान्त अवस्थी*





