होम मध्य प्रदेश रीवा सीधी सिंगरौली सतना भोपाल इंदौर जबलपुर

आज का पंचांग 13 सितंबर 2026

By Janhit TV

Published on:

---Advertisement---

~*आज का पञ्चाङ्ग* ~ *दिनांक – 13 सितंबर 2026*
*दिन – रविवार*
*संवत्सर – रौद्र*
*विक्रम संवत 2083 (गुजरात अनुसार 2082)*
*शक संवत -1948*
*कलि युगाब्द – 5128*
*अयन – दक्षिणायन*
*ऋतु – वर्षा ॠतु*
*मास – भाद्रपद*
*पक्ष – शुक्ल*
*तिथि – द्वितीया सुबह 07:08 तक तत्पश्चात तृतीया*
*नक्षत्र – हस्त दोपहर 01:07 तक तत्पश्चात चित्रा*
*योग – शुक्ल दोपहर 01:43 तक तत्पश्चात ब्रह्म*
*राहुकाल – शाम 04:30 से शाम 06:00 तक*
*सूर्योदय – 05:52*
*सूर्यास्त – 06:08*
स्थानीय समयानुसार राहुकाल सूर्यास्त सूर्योदय समय में अंतर सम्भव है।
*दिशाशूल – पश्चिम दिशा मे*
*अग्निवास*
02+01+01=04÷4=00 प्रथ्वी लोक में।
*शिववास*
02+02+5=09÷7 =02 गौरी सन्निधौ वासे।
व्रत पर्व विवरण-
विशेष- *द्वितीया को बृहती (छोटा बैगन या कटेहरी) खाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
✨ चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)
✨ चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।
*हरितालिका तीज*
भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हरितालिका तीज का व्रत किया जाता है। इस बार ये व्रत 14 सितम्बर, सोमवार को है। विधि-विधान से हरितालिका तीज का व्रत करने से कुंवारी कन्याओं को मनचाहे वर की प्राप्ति होती है, वहीं विवाहित महिलाओं को अखंड सौभाग्य मिलता है। इस व्रत की विधि इस प्रकार है-
*विधि*
इस दिन महिलाएं निर्जल (बिना कुछ खाए-पिए) रहकर व्रत करती हैं। इस व्रत में बालूरेत से भगवान शंकर व माता पार्वती का मूर्ति बनाकर पूजन किया जाता है। घर को साफ-स्वच्छ कर तोरण-मंडप आदि से सजाएं। एक पवित्र चौकी पर शुद्ध मिट्टी में गंगाजल मिलाकर शिवलिंग, रिद्धि-सिद्धि सहित गणेश, पार्वती एवं उनकी सखी की आकृति (प्रतिमा) बनाएं।
प्रतिमाएं बनाते समय भगवान का स्मरण करें। देवताओं का आह्वान कर षोडशोपचार पूजन करें। व्रत का पूजन रात भर चलता है। महिलाएं जागरण करती हैं और कथा-पूजन के साथ कीर्तन करती हैं। प्रत्येक प्रहर में भगवान शिव को सभी प्रकार की वनस्पतियां जैसे बिल्व-पत्र, आम के पत्ते, चंपक के पत्ते एवं केवड़ा अर्पण किया जाता है। आरती और स्तोत्र द्वारा आराधना की जाती है।
*भगवती-उमा की पूजा के लिए ये मंत्र बोलें-*
*ऊं उमायै नम:, ऊं पार्वत्यै नम:, ऊं जगद्धात्र्यै नम:, ऊं जगत्प्रतिष्ठयै नम:, ऊं शांतिरूपिण्यै नम:, ऊं शिवायै नम:*
*भगवान शिव की आराधना इन मंत्रों से करें-*
*ऊं हराय नम:, ऊं महेश्वराय नम:, ऊं शम्भवे नम:, ऊं शूलपाणये नम:, ऊं पिनाकवृषे नम:, ऊं शिवाय नम:, ऊं पशुपतये नम:, ऊं महादेवाय नम:*
पूजा दूसरे दिन सुबह समाप्त होती है, तब महिलाएं अपना व्रत खोलती हैं और अन्न ग्रहण करती हैं।
*ससुराल में कोई तकलीफ*
किसी सुहागन बहन को ससुराल में कोई तकलीफ हो तो शुक्ल पक्ष की तृतीया को उपवास रखें …उपवास माने एक बार बिना नमक का भोजन कर के उपवास रखें ..भोजन में दाल चावल सब्जी रोटी नहीं खाएं , दूध रोटी खा लें ..शुक्ल पक्ष की तृतीया को..अमावस्या से पूनम तक की शुक्ल पक्ष में जो तृतीया आती है उसको ऐसा उपवास रखें …नमक बिना का भोजन(दूध रोटी) , एक बार खाएं बस……अगर किसी बहन से वो भी नहीं हो सकता पूरे साल का तो केवल
*माघ महीने की शुक्ल पक्ष की तृतीया,*
वैशाख शुक्ल तृतीया और भाद्रपद मास की शुक्ल तृतीया जरुर ऐसे ३ तृतीया का उपवास जरुर करें …नमक बिना करें ….जरुर लाभ होगा…
विशेष – 14 सितम्बर 2026 सोमवार को भाद्रपद मास की शुक्ल तृतीया है ।
14 सितम्बर 2026 दिन सोमवार हरतालिका तीज वृत एवं गणेश चतुर्थी ।
22 सितम्बर 2026 बुढ़वा मंगल।
25 सितम्बर 2026 दिन शुक्रवार अन्नत चतुर्दशी।
*पंचक*
23 सितम्बर 2026 दिन बुधवार रात्रि 09:57 बजे से 28 सितम्बर 2026 दिन सोमवार सुबह 10:16 बजे तक।
*एकादशी*
22 सितम्बर 2026 दिन मंगलवार पद्मा (कर्मा) एकादशी।
*प्रदोष व्रत*
24 सितम्बर 2026 दिन गुरुवार प्रदोष व्रत।
*पूर्णिमा*
26 सितम्बर 2026 दिन शनिवार स्नान दान वृत पूर्णिमा।
श्राद्ध प्रारम्भ।
*पंo वेदान्त अवस्थी*

Leave a Comment