रीवा के सर्राफा बाजार में फिर भी नहीं कम हुआ उत्साह, शुभ मुहूर्त में खरीदारी के लिए उमड़ रहे ग्राहक*
*एक साल में करीब 15 फीसदी बढ़े दाम, 1 लाख 28 हजार से पहुंचा 1 लाख 47 हजार के करीब, 19 हजार की बढ़ोतरी से बिगड़ा लोगों का बजट, फिर भी धनतेरस की परंपरा पर भारी नहीं पड़ी महंगाई*
रीवा। इस बार धनतेरस पर सोने की चमक तो बरकरार है, लेकिन कीमत ने लोगों की जेब पर असर डाला है। रीवा के सर्राफा बाजार में इस बार सोना पिछले धनतेरस के मुकाबले काफी महंगा बिक रहा है। व्यापारियों के अनुसार एक साल के अंदर ही सोने के दाम में जबरदस्त उछाल आया है, जिससे गहने खरीदने वालों को पहले से ज्यादा रकम खर्च करनी पड़ रही है।
*एक साल में इतना बढ़ गया सोने का भाव*
बाजार के जानकारों की मानें तो पिछले धनतेरस पर सोने का रेट करीब 1 लाख 28 हजार रुपए के आसपास था। इस बार गुरुवार को धनतेरस के दिन यह बढ़कर करीब 1 लाख 47 हजार रुपए के स्तर पर पहुंच गया। यानी महज 12 महीने में सोना करीब 19 हजार रुपए महंगा हो गया है। प्रतिशत में देखें तो यह बढ़ोतरी करीब 15 फीसदी के आसपास बैठती है।
*महंगाई के बाद भी बाजार में उत्साह बरकरार*
भाव बढ़ने के बावजूद बाजार में खरीदारों की कमी नहीं दिख रही है। व्यापारियों का कहना है कि धनतेरस पर सोना खरीदना शुभ माना जाता है। यही वजह है कि हर साल इस दिन सर्राफा बाजार में ग्राहकों की भीड़ उमड़ती है। इस बार भी लोग शुभ मुहूर्त में सोना-चांदी खरीदने के लिए दुकानों पर पहुंच रहे हैं।
*बजट पर पड़ा असर, वजन और मजदूरी से तय हो रही कीमत*
दाम बढ़ने का सीधा असर ग्राहकों के बजट पर पड़ रहा है। पहले जितने पैसे में जितना सोना आता था, अब उतने में कम वजन का गहना मिल रहा है। व्यापारियों के मुताबिक गहनों की अंतिम कीमत सोने की शुद्धता, उसके वजन और बनाने की मजदूरी के हिसाब से तय होती है। इसलिए ग्राहक अब हल्के और डिजाइनर गहनों की तरफ ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।
*क्या कह रहे हैं सर्राफा व्यापारी*
सर्राफा व्यापारियों का मानना है कि सोने की कीमत में आया करीब 19 हजार रुपए का अंतर ग्राहकों के मन पर थोड़ा असर डाल रहा है, लेकिन त्योहार की शुभता और परंपरा के आगे महंगाई फीकी पड़ गई है। लोगों को उम्मीद है कि आगे भी सोने में निवेश फायदेमंद रहेगा।






