*~आज का पञ्चाङ्ग ~*
*दिनांक – 22 दिसम्बर 2025*
*दिन – सोमवार*
*संवत्सर – सिद्धार्थ*
*विक्रम संवत 2082*
*शक संवत -1947*
*कलि युगाब्द – 5127*
*अयन – दक्षिणायन*
*ऋतु – हेमन्त ॠतु*
*मास – पौष*
*पक्ष – शुक्ल*
*तिथि – द्वितीया सुबह 10:51 तक तत्पश्चात तृतीया*
*नक्षत्र – उत्तराषाढ़ा 23 दिसंबर प्रातः 05:32 तक तत्पश्चात श्रवण*
*योग – ध्रुव शाम 04:41 तक तत्पश्चात व्याघात*
*राहुकाल – सुबह 07:30 से सुबह 09:00 तक*
*सूर्योदय – 06:43*
*सूर्यास्त – 05:13*
स्थानीय समयानुसार राहुकाल सूर्यास्त सूर्योदय समय में अंतर सम्भव है।
*दिशाशूल – पूर्व दिशा मे*
*अग्निवास*
02+02+01=05÷4=01 स्वर्ग लोक में।
*शिववास*
02+02+5=09÷7 =02 गौरी सन्निधौ वासे।
व्रत पर्व विवरण-
विशेष – द्वितीया को बृहती (छोटा बैगन या कटेहरी) खाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
*मंगलवारी चतुर्थी*
23 दिसम्बर 2025 मंगलवार को दोपहर 12:12 से 24 दिसम्बर सूर्योदय तक मंगलवारी चतुर्थी है ।
*मंत्र जप व शुभ संकल्प की सिद्धि के लिए विशेष योग*
मंगलवारी चतुर्थी को किये गए जप-संकल्प, मौन व यज्ञ का फल अक्षय होता है ।
👉🏻 मंगलवार चतुर्थी को सब काम छोड़ कर जप-ध्यान करना … जप, ध्यान, तप सूर्य-ग्रहण जितना फलदायी है…
*मंगलवारी चतुर्थी*
अंगार चतुर्थी को सब काम छोड़ कर जप-ध्यान करना …जप, ध्यान, तप सूर्य-ग्रहण जितना फलदायी है…
*> बिना नमक का भोजन करें*
*> मंगल देव का मानसिक आह्वान करो*
*> चन्द्रमा में गणपति की भावना करके अर्घ्य दें*
💵 कितना भी कर्ज़दार हो ..काम धंधे से बेरोजगार हो ..रोज़ी रोटी तो मिलेगी और कर्जे से छुटकारा मिलेगा |
*मंगलवार चतुर्थी*
भारतीय समय के अनुसार 23 दिसम्बर 2025 को (दोपहर 12:12 से 24 दिसम्बर सूर्योदय तक) चतुर्थी है, इस महा योग पर अगर मंगल ग्रह देव के 21 नामों से सुमिरन करें और धरती पर अर्घ्य देकर प्रार्थना करें,शुभ संकल्प करें तो आप सकल ऋण से मुक्त हो सकते हैं..
*मंगल देव के 21 नाम इस प्रकार हैं :-*
*1) ॐ मंगलाय नमः*
*2) ॐ भूमि पुत्राय नमः*
*3 ) ॐ ऋण हर्त्रे नमः*
*4) ॐ धन प्रदाय नमः*
*5 ) ॐ स्थिर आसनाय नमः*
*6) ॐ महा कायाय नमः*
*7) ॐ सर्व कामार्थ साधकाय नमः*
*8) ॐ लोहिताय नमः*
*9) ॐ लोहिताक्षाय नमः*
*10) ॐ साम गानाम कृपा करे नमः*
*11) ॐ धरात्मजाय नमः*
*12) ॐ भुजाय नमः*
*13) ॐ भौमाय नमः*
*14) ॐ भुमिजाय नमः*
*15) ॐ भूमि नन्दनाय नमः*
*16) ॐ अंगारकाय नमः*
*17) ॐ यमाय नमः*
*18) ॐ सर्व रोग प्रहाराकाय नमः*
*19) ॐ वृष्टि कर्ते नमः*
*20) ॐ वृष्टि हराते नमः*
*21) ॐ सर्व कामा फल प्रदाय नमः*
ये 21 मन्त्र से भगवान मंगल देव को नमन करें ..फिर धरती पर अर्घ्य देना चाहिए..अर्घ्य देते समय ये मन्त्र बोले :-
*भूमि पुत्रो महा तेजा*
*कुमारो रक्त वस्त्रका*
*ग्रहणअर्घ्यं मया दत्तम*
*ऋणम शांतिम प्रयाक्ष्मे*
हे भूमि पुत्र!..महा क्यातेजस्वी,रक्त वस्त्र धारण करने वाले देव मेरा अर्घ्य स्वीकार करो और मुझे ऋण से शांति प्राप्त कराओ..
*पंचक*
24 दिसम्बर 2025 दिन बुधवार शाम 07:46 बजे से 29 दिसम्बर 2025 दिन सोमवार सुबह 07:41 बजे तक।
*एकादशी*
30 दिसम्बर 2025 दिन मंगलवार पुत्रदा एकादशी व्रत स्मार्त ( गृहस्थ)।
31 दिसम्बर 2025 दिन बुधवार दिन बुधवार पुत्रदा एकादशी व्रत वैष्णव।
*प्रदोष व्रत*
01 जनवरी 2026 दिन गुरुवार प्रदोष व्रत।
*पूर्णिमा*
02 जनवरी 2026 दिन शुक्रवार वृत पूर्णिमा।
03 जनवरी 2026 दिन शनिवार स्नान दान पूर्णिमा।
*पंo वेदान्त अवस्थी*



