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आज का पंचांग 18 नवंबर 2025

By Janhit TV

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~ आज का पञ्चाङ्ग ~
*दिनांक – 18 नवम्बर 2025*
*दिन – मंगलवार*
*संवत्सर – सिद्धार्थ*
*विक्रम संवत् – 2082*
*शक संवत – 1946*
*कलि युगाब्द –5127*
*अयन – दक्षिणायण*
*ऋतु – हेमंत*
*मास – मार्गशीर्ष*
*पक्ष – कृष्ण*
*तिथि – त्रयोदशी प्रातः 07:12 तक तत्पश्चात् चतुर्दशी*
*नक्षत्र – स्वाती पूर्ण रात्रि तक*
*योग – आयुष्मान सुबह 08:09 तक तत्पश्चात् सौभाग्य*
*राहुकाल – दोपहर 03:00 से शाम 04:30तक*
*सूर्योदय – 06:38*
*सूर्यास्त – 05:22*
स्थानीय समयानुसार राहुकाल सूर्यास्त सूर्योदय समय में अंतर सम्भव है।
*दिशा शूल – उत्तर दिशा में*
*अग्निवास*
28+03+01=32÷4=00 प्रथ्वी लोक में।
*शिववास*
28+28+5=61÷7 =05 भोजन चैव वासे।
*व्रत पर्व विवरण – मासिक शिवरात्रि*
विशेष – चतुर्दशी को स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना व लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)

*पढ़ने में रूचि न हो या सफलता न मिलती हो तो ….*

जिन बच्चों का पढ़ाई की और रुझान नहीं होता अथवा कम होता है या काफी परिश्रम करके भी जिन्हें अध्ययन में पर्याप्त सफलता नहीं मिलती उनके लिए लाभदायी प्रयोग :
१ ग्राम कपूर और मौलसिरी (बकुल) का एक बीज पीसकर देशी गाय के २०० ग्राम घी में मिला दें । नित्य किसी भी समय ५ से १० मिनट तक संबंधित बच्चे के शयनकक्ष में इस मिश्रण से दीपक जलायें ।
*बुखार दूर करने हेतु*

चरक संहिता के चित्किसा स्थान में ज्वर ( बुखार) की चित्किसा का विस्तृत वर्णन करने के बाद अंत में आचार्य श्री चरकजी ने कहा है :
विष्णुं सहस्रमूर्धानं चराचरपतिं विभुम ।
*स्तुवन्नामह्स्त्रेण ज्वरान सर्वानपोहति ।*
‘हजार मस्तकवाले, चर-अचर के स्वामी, व्यापक भगवान की सहस्त्रनाम से स्तुति करने से अर्थात विष्णुसहस्रनाम का पाठ करने से सब प्रकार के ज्वर छूट जाते हैं ।’
(पाठ रुग्ण स्वयं अथवा उसके कुटुम्बी करें )
*आर्थिक कष्ट निवारण हेतु*

एक लोटे में जल, दूध, गुड़ और काले तिल मिलाकर हर शनिवार को पीपल के मूल में चढ़ाने तथा ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ।’ मंत्र जपते हुए पीपल की ७ बार परिक्रमा करने से आर्थिक कष्ट दूर होता है ।
*पंचक*
27 नवम्बर 2025 दिन गुरुवार दोपहर 02:07 बजे से 01 दिसम्बर 2025 दिन सोमवार रात्रि 11:18 बजे तक।
*एकादशी*
01 दिसम्बर 2025 दिन सोमवार मोक्षदा एकादशी व्रत सर्वे।
*प्रदोष*
18 नवम्बर 2025 दिन मंगलवार मासिक शिव रात्रि।
02 दिसम्बर 2025 दिन मंगलवार प्रदोष व्रत।
*पूर्णिमा*
04 दिसम्बर 2025 दिन गुरुवार स्नान दान वृत पूर्णिमा।
*अमावस्या*
19 नवम्बर 2025 दिन बुधवार पितृकार्ये अमावस्या।
20 नवम्बर 2025 दिन गुरुवार स्नान दान अमावस्या।
*पंo वेदान्त अवस्थी*

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