*~ आज का पञ्चाङ्ग~*
*दिनांक – 12 अक्टूबर 2025*
*दिन – रविवार*
*संवत्सर – सिद्धार्थ*
*विक्रम संवत 2082*
*शक संवत -1947*
*कलि युगाब्द – 5127*
*अयन – दक्षिणायन*
*ऋतु – शरद ॠतु*
*मास – कार्तिक*
*पक्ष – कृष्ण*
*तिथि – षष्ठी दोपहर 02:16 तक तत्पश्चात सप्तमी*
*नक्षत्र – मृगशिरा दोपहर 01:36 तक तत्पश्चात आर्द्रा*
*योग – वरीयान सुबह 10:55 तक तत्पश्चात परिघ*
*राहुकाल – शाम 04:30 से शाम 06:00 तक*
*सूर्योदय – 06:13*
*सूर्यास्त – 05:47*
स्थानीय समयानुसार राहुकाल सूर्यास्त सूर्योदय समय में अंतर सम्भव है।
*दिशाशूल – पश्चिम दिशा मे*
*अग्निवास*
21+01+01=23÷4=03 प्रथ्वी लोक में।
*शिववास*
21+21+5=47÷7 =05 भोजन चैव वासे।
*व्रत पर्व विवरण – रविवारी सप्तमी (दोपहर 02:16 से 13 अक्टूबर सूर्योदय तक)*
विशेष – षष्ठी को नीम की पत्ती, फल या दातुन मुँह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
*पटाखों से जलने पर*
पटाखों से जलने पर जले हुए स्थान पर कच्चे आलू के पतले पतले चिप्स काट कर रख दें या आलू का रस लगा दें । और कुछ ना लगाये । इससे १-२ घंटे में आराम हो जायेगा ।
*राहु मंत्र*
*राहुदेवता का मंत्र है ..*
*ॐ राहवे नम: | ॐ राहवे नम: |*
*अर्धकाय महावीर्यं, चंद्रादित्य विमर्दनं |*
*सिंहिका गर्भसंभूतं ,तं राहूं प्रणमाम्यहं ||*
*शास्त्रों के अनुसार*
*दीपावली के दिनों में न करें ये 7 काम*
दीपावली के दिनों में देवी लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए कई प्रकार के उपाय किए जाते है, पूजा की जाती है, लेकिन इन उपायों के साथ ही कुछ सावधानियां भी रखनी जरूरी हैं। शास्त्रों में बताया गया है कि दीपावली के दिनों में हमें कौन-कौन काम नहीं करना चाहिए। यदि वर्जित किए गए काम दीपावली पर किए जाते हैं तो कई उपाय करने के बाद भी लक्ष्मी कृपा प्राप्त नहीं हो पाती है।
*यहां जानिए दीपोत्सव में कौन-कौन से काम न करें…*
*सुबह देर तक नहीं सोना चाहिए*
वैसे तो हर रोज सुबह जल्दी उठ जाना चाहिए, लेकिन काफी लोग ऐसे हैं जो सुबह देर से ही उठते हैं। शास्त्रों के अनुसार दीपावली के दिनों में ब्रह्म मुहूर्त में ही उठ जाना चाहिए। जो लोग इन दिनों में सूर्योदय के बाद तक सोते रहते हैं, उन्हें महालक्ष्मी की कृपा प्राप्त नहीं हो पाती है।
*माता-पिता और बुजुर्गों का अपमान न करें*
दीपावली पर इस बात का विशेष ध्यान रखें कि किसी भी परिस्थिति में कोई अधार्मिक काम न हो। माता-पिता एवं बुजुर्गों का सम्मान करें। जो लोग माता-पिता का अनादर करते हैं, उनके यहां देवी-देवताओं की कृपा नहीं होती है और दरिद्रता बनी रहती है। किसी को धोखा ना दें। झूठ न बोलें। सभी से प्रेम पूर्वक व्यवहार करें।
*घर में गंदगी न रखें*
दीपावली पर घर में गंदगी नहीं होना चाहिए। घर का कोना-कोना एकदम साफ एवं स्वच्छ होना चाहिए। किसी भी प्रकार की बदबू घर में या घर के आसपास नहीं होनी चाहिए। सफाई के साथ ही घर को महकाने के लिए सुगंधित पदार्थों का उपयोग किया जा सकता है।
*क्रोध न करें*
दीपावली पर क्रोध नहीं करना चाहिए और जोर से चिल्लाना भी अशुभ रहता है। जो लोग इन दिनों क्रोध करते हैं या जोर से चिल्लाते हैं, उन्हें लक्ष्मी की कृपा प्राप्त नहीं हो पाती है। घर में शांत, सुखद एवं पवित्र वातावरण बनाए रखना चाहिए। लक्ष्मी ऐसे घरों में निवास करती हैं जहां शांति रहती है।
*शाम के समय न सोएं*
कुछ विशेष परिस्थितियों को छोड़कर दिन में या शाम के समय सोना नहीं चाहिए। यदि कोई व्यक्ति बीमार है, वृद्ध है या कोई स्त्री गर्भवती है तो वह दिन में या शाम को सो सकती हैं, लेकिन स्वस्थ व्यक्ति को दिन में या शाम को सोना नहीं चाहिए। शास्त्रों के अनुसार जो लोग ऐसे समय में सोते हैं, वे निर्धन बने रहते हैं।
*वाद-विवाद न करें*
इन दिनों में इस बात का भी ध्यान रखें कि घर में किसी भी प्रकार का कलह या झगड़ा नहीं होना चाहिए। घर-परिवार के सभी सदस्य प्रेम से रहें और खुशी का माहौल बनाकर रखें। जिन घरों में झगड़ा या कलह होता है, वहां देवी की कृपा नहीं होती है। घर के साथ ही बाहर भी इस बात का ध्यान रखें कि किसी से वाद-विवाद या झगड़ा ना करें।
*नशा न करें*
शास्त्रों के अनुसार इन दिनों में किसी भी प्रकार का नशा करना वर्जित किया गया है। जो लोग दीपावली के दिन नशा करते हैं, वे हमेशा दरिद्र रहते हैं। नशे की हालत में घर की शांति भंग हो सकती है और सभी सदस्यों को मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता है। इससे बचना चाहिए। अन्यथा वाद-विवाद हो सकते हैं और लक्ष्मी पूजा भी ठीक से नहीं हो पाती है।
18 अक्टूबर 2025 दिन शनिवार धनतेरस।
19 अक्टूबर 2025 दिन रविवार नरक चतुर्दशी।
20 अक्टूबर 2025 दिन सोमवार शुभ दीपावली।
*पंचक*
31 अक्टूबर 2025 दिन शुक्रवार सुबह 06:48 बजे से 04 नवम्बर 2025 दिन मंगलवार दोपहर 12:35 बजे तक।
*एकादशी*
17 अक्टूबर 2025 दिन शुक्रवार रमा एकादशी व्रत सर्वे।
01 नवम्बर 2025 दिन शनिवार देव प्रबोधिनी (देव उठनी )एकादशी।
*प्रदोष*
18 अक्टूबर 2025 दिन शनिवार प्रदोष व्रत (मासिक शिव रात्रि)।
03 नवम्बर 2025 दिन सोमवार प्रदोष व्रत।
*पूर्णिमा*
05 नवम्बर 2025 दिन बुधवार स्नान दान वृत पूर्णिमा।
*अमावस्या*
20 अक्टूबर 2025 दिन सोमवार प्रदोष व्यापिनी अमावस्या ( शुभ दीपावली)।
21 अक्टूबर 2025 दिन मंगलवार स्नान दान अमावस्या।
*पंo वेदान्त अवस्थी*



