*~ आज का पञ्चाङ्ग~*
*दिनांक – 12 दिसम्बर 2025*
*दिन – शुक्रवार*
*संवत्सर – सिद्धार्थ*
*विक्रम संवत 2082*
*शक संवत -1947*
*कलि युगाब्द – 5127*
*अयन – दक्षिणायन*
*ऋतु – हेमंत ॠतु*
*मास – पौष मार्गशीर्ष*
*पक्ष – कृष्ण*
*तिथि – अष्टमी दोपहर 02:56 तक तत्पश्चात नवमी*
*नक्षत्र – उत्तराफाल्गुनी 13 दिसंबर प्रातः 05:50 तक तत्पश्चात हस्त*
*योग – प्रीति सुबह 11:12 तक तत्पश्चात आयुष्मान*
*राहुकाल – सुबह 10:30 से दोपहर 12:00 तक*
*सूर्योदय – 06:47*
*सूर्यास्त – 05:13*
स्थानीय समयानुसार राहुकाल सूर्यास्त सूर्योदय समय में अंतर सम्भव है।
*दिशाशूल – पश्चिम दिशा मे*
*अग्निवास*
23+06+01=30÷4=02 पाताल लोक में।
*शिववास*
23+23+5=51÷7 =02 गौरी सन्निधौ वासे।
व्रत पर्व विवरण-
विशेष – अष्टमी को नारियल का फल खाने से बुद्धि का नाश होता है (ब्रह्मवैवर्त पुराण ब्रह्म खण्ड: 27,29,34)
*कार्य सिद्धि के लिए*
*“ॐ गं गणपतये नमः”*
हर कार्य शुरु करने से पहले इस मंत्र का 108 बार जप करें, कार्य सिद्ध होगा ।
*इलायची*
इलायची औषधीय रूप से अति महत्त्वपूर्ण है | यह दो प्रकार की होती है – छोटी व बड़ी |
छोटी इलायची : यह सुंगधित, जठराग्निवर्धक, शीतल, मूत्रल, वातहर, उत्तेजक व पाचक होती है | इसका प्रयोग खाँसी, अजीर्ण, अतिसार, बवासीर, पेटदर्द, श्वास ( दमा ) तथा दाहयुक्त तकलीफों में किया जाता है |
*औषधीय प्रयोग*
अधिक केले खाने से हुई बदहजमी एक इलायची खाने से दूर हो जाती है |
धूप में जाते समय तथा यात्रा में जी मचलाने पर एक इलायची मुँह में डाल दें |
१ कप पानी में १ ग्राम इलायची चूर्ण डालके ५ मिनट तक उबालें | इसे छानकर एक चम्मच शक्कर मिलायें | २ – २ चम्मच यह पानी २ – २ घंटे के अंतर लेने से जी – मचलाना, उबकाई आना, उल्टी आदि में लाभ होता है |
छिलके सहित छोटी इलायची तथा मिश्री समान मात्रा में मिलाकर चूर्ण बनालें | चुटकीभर चूर्ण को १ -१ घंटे के अंतर से चूसने से सूखी खाँसी में लाभ होता है | कफ पिघलकर निकल जाता है |
रात को भिगोये २ बादाम सुबह छिलके उतारकर घिसलें | इसमें १ ग्राम इलायची चूर्ण, आधा ग्राम जावित्री चूर्ण, १ चम्मच मक्खन तथा आधा चम्मच मिश्री मिलाकर खाली पेट खाने से वीर्य पुष्ट व गाढ़ा होता है |
आधा से १ ग्राम इलायची चूर्ण का आँवले के रस या चूर्ण के साथ सेवन करने से पेशाब और हाथ-पैरों की जलन दूर होती है |
आधा ग्राम इलायची दाने का चूर्ण और १-२ ग्राम पीपरामूल चूर्ण को घी के साथ रोज सुबह चाटने से ह्रदयरोग में लाभ होता है |
छिलके सहित १ इलायची को आग में जलाकर राख कर लें | इस राख को शहद मिलाकर चाटने से उलटी में लाभ होता है |
१ ग्राम इलायची दाने का चूर्ण दूध के साथ लेने से पेशाब खुलकर आती है एवं मूत्रमार्ग की जलन शांत होती है |
सावधानी : रात को इलायची न खायें, इससे खट्टी डकारें आती है | इसके अधिक सेवन से गर्भपात होने की भी सम्भावना रहती है |
*विशेष*
15 दिसम्बर 2025 दिन सोमवार धनु राशि सूर्य खरमास प्रारंभ , पूर्व दिशायाम शुक्रास्त।
*पंचक*
24 दिसम्बर 2025 दिन बुधवार शाम 07:46 बजे से 29 दिसम्बर 2025 दिन सोमवार सुबह 07:41 बजे तक।
*एकादशी*
15 दिसम्बर 2025 दिन सोमवार सफला एकादशी व्रत सर्वे।
30 दिसम्बर 2025 दिन मंगलवार पुत्रदा एकादशी व्रत स्मार्त ( गृहस्थ)।
31 दिसम्बर 2025 दिन बुधवार दिन बुधवार पुत्रदा एकादशी व्रत वैष्णव।
*प्रदोष व्रत*
17 दिसम्बर 2025 दिन बुधवार प्रदोष व्रत।
18 दिसम्बर 2025 दिन गुरुवार मासिक शिवरात्रि।
01 जनवरी 2026 दिन गुरुवार प्रदोष व्रत।
*पूर्णिमा*
02 जनवरी 2026 दिन शुक्रवार वृत पूर्णिमा।
03 जनवरी 2026 दिन शनिवार स्नान दान पूर्णिमा।
*अमावस्या*
19 दिसम्बर 2025 दिन शुक्रवार देवपित्रकार्य अमावस्या।
*पंo वेदान्त अवस्थी*
आज का पंचांग 12 दिसंबर 2025
By Janhit TV
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