*आज का पञ्चाङ्ग*
*दिनांक – 11 मार्च 2026*
*दिन – बुधवार*
*संवत्सर – सिद्धार्थ*
*विक्रम संवत 2082*
*शक संवत -1947*
*कलि युगाब्द – 5127*
*अयन – उत्तरायण*
*ऋतु – शिशिर ॠतु*
*मास – चैत्र*
*पक्ष – कृष्ण*
*तिथि – अष्टमी 12 मार्च प्रातः 04:19 तक तत्पश्चात नवमी*
*नक्षत्र – ज्येष्ठा रात्रि 10:00 तक तत्पश्चात मूल*
*योग – वज्र सुबह 09:12 तक तत्पश्चात सिद्धि*
*राहुकाल – दोपहर 12:00 से दोपहर 01:30 तक*
*सूर्योदय – 06:10*
*सूर्यास्त – 05:50*
स्थानीय समयानुसार राहुकाल सूर्यास्त सूर्योदय समय में अंतर सम्भव है।
*दिशाशूल – उत्तर दिशा मे*
*अग्निवास*
23+04+01=28÷4=00 प्रथ्वी लोक में।
*शिववास*
23+23+5=51÷7 =02 गौरी सन्निधौ वासे।
*व्रत पर्व विवरण- बुधवारी अष्टमी,(सूर्योदय से 12 मार्च प्रातः 04:19 तक)*
विशेष – अष्टमी को नारियल का फल खाने से बुद्धि का नाश होता है (ब्रह्मवैवर्त पुराण ब्रह्म खण्ड: 27,29,34)
*व्यतिपात योग*
*12 मार्च 2026 सुबह 09:59 से 13 मार्च सुबह 10:32 तक व्यतिपात योग है।*
व्यतिपात योग की ऐसी महिमा है कि उस समय जप पाठ प्राणायम, माला से जप या मानसिक जप करने से भगवान की और विशेष कर भगवान सूर्यनारायण की प्रसन्नता प्राप्त होती है जप करने वालों को, व्यतिपात योग में जो कुछ भी किया जाता है उसका १ लाख गुना फल मिलता है।
वाराह पुराण में ये बात आती है व्यतिपात योग की।
*संतान आगमन पर*
बच्चा पैदा हो उसको गुनगुने पानी से नहलाकर पिता की गोद में रखना चाहिये ।
👦🏻 *पिता उस बच्चे को देखे और बोले उसके कान में*
*ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ (7 बार) अश्मा भव*
*ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ (7 बार) परशु भव*
*ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ (7 बार ) हिरन्यस्तुम भव*
तू चट्टान की नाईं दृढ़ होना तू विघ्न बाधाओं और पापों को काटने वाला कुल्हाड़ा बनना तू सुवर्ण की नाईं- लोहे को दाग लग जाता है, तांबे को भी जंग लग जाता है, लेकिन सोना ज्यों का त्यों रहत है ऐसे ही तू संसार में निर्लेप रहना ऐसा करके बाप माँ की गोद में बच्चे को ड़ाल दे।
फिर माँ क्या करे ?उसे स्तन-पान न कराए कुछ भी उसके मुँह में न ड़ाले; पहले माँ को क्या करना चाहिए माँ हो, मौसी हो, जो भी हो, एक बूँद शहद की, दस बूँद घी की, दोनों को मिला दे, और सोने की सलाई से (अगर सोने की सलाई खरीदने की ताकत नहीं है तो चाँदी की सलाई पर सोने का पानी चढ़ा दे ) शहद और घी के विमिश्रण से (सममिश्रण होगा तो ज़हर बनता है- या तो शहद का वजन ज्यादा हो, या तो घी का ज्यादा हो; बराबरी में जहर होता है ) बालक की जीभ पर ॐ लिख देवें बाद में उसको जो भी देना हो, पानी/दूध दे सकते हैं बच्चा ऐसा बनेगा कि 7 पीढ़ी के खानदान में ऐसा नहीं हुआ होगा जैसा ये बालक/बालिका बनेंगें।
*नवरात्रि*
19 मार्च 2026 दिन गुरुवार सुबह 06:54 बजे से प्रतिपदा प्रारंभ।
06:53 बजे से 08:17 बजे तक शुभ, दिवा 11:16 बजे से 12:46 बजे तक चंचल वेला, दिवा 12:46 बजे से 03:46 बजे तक लाभ अमृत वेला में पूजन एवं घट स्थापना करना शुभ रहेगा।
26 मार्च 2026 दिन गुरुवार दुर्गाष्टमी एवं श्री राम नवमी पूजा।
27 मार्च 2026 दिन शुक्रवार नवमी पूजन, हवन एवं कन्या भोज।
28 मार्च 2026 दिन शनिवार श्री धर्मराज दशमी।
*पंचक*
16 मार्च 2026 दिन सोमवार शाम 06:14 बजे से 20 मार्च 2026 दिन शुक्रवार रात्रि 02:28 बजे तक।
*एकादशी*
15 मार्च 2026 दिन रविवार पापमोचनी एकादशी।
29 मार्च 2026 दिन रविवार कामदा एकादशी।
*प्रदोष व्रत*
16 मार्च 2026 दिन सोमवार प्रदोष व्रत।
30 मार्च 2026 दिन सोमवार प्रदोष व्रत।
*पूर्णिमा*
01 अप्रैल 2026 दिन बुधवार वृत पूर्णिमा।
02 अप्रैल 2026 दिन गुरुवार स्नान दान पूर्णिमा।
*अमावस्या*
18 मार्च 2026 दिन बुधवार पितृ कार्य अमावस्या।
19 मार्च 2026 दिन गुरुवार स्नान दान अमावस्या।
*पंo वेदान्त अवस्थी


