~*आज का पञ्चाङ्ग* ~
*दिनांक – 10 मार्च 2026*
*दिन – मंगलवार*
*संवत्सर – सिद्धार्थ*
*शक संवत – 1947*
*विक्रम संवत् – 2082*
*कलि युगाब्द – 5127*
*अयन – उत्तरायण*
*ऋतु – शिशिर*
*मास – चैत्र*
*पक्ष – कृष्ण*
*तिथि – सप्तमी मध्यरात्रि 01:54 तक तत्पश्चात् अष्टमी*
*नक्षत्र – अनुराधा शाम 07:05 तक तत्पश्चात् ज्येष्ठा*
*योग – हर्षण प्रातः 08:21 तक तत्पश्चात् वज्र*
*राहुकाल – दोपहर 03:00से शाम 04:30 तक*
*सूर्योदय – 06:10*
*सूर्यास्त – 05:50*
स्थानीय समयानुसार राहुकाल सूर्यास्त सूर्योदय समय में अंतर सम्भव है।
*दिशा शूल – उत्तर दिशा में*
*अग्निवास*
22+03+01=26÷4=02 पाताल लोक में।
*शिववास*
22+22+5=49÷7 =00 श्मशान वासे।
व्रत पर्व विवरण – शीतला सप्तमी
विशेष – सप्तमी को ताड़ का फल खाने से रोग बढ़ता है व शरीर का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)
*पेठे का रस*
सफेद पेठा (प्रचलित नाम – कुम्हड़ा, गुजराती – भूरूं कोहलु, मराठी – कोहळा, अंग्रेजी – Ash Gourd) आयुर्वेद के अनुसार अत्यंत लाभदायी फल, सब्जी तथा अनेकों रोगों में उपयोगी औषधि भी है ।
यह रस में शीतल, पित्त एवं वायु का शमन करनेवाला, शरीर पुष्टिकर, वजन बढ़ाने में सहायक एवं वीर्यवर्धक है ।
यह अम्लपित्त (hyperacidity), शरीर की जलन, सिरदर्द, नकसीर (नाक से खून आना), टी.बी. के कारण कफ के साथ खून आना, खूनी बवासीर, मूत्र की रुकावट एवं जलन, नींद की कमी, प्यास की अधिकता, श्वेतप्रदर एवं अत्यधिक मासिक स्राव आदि पित्तजनित समस्याओं में अक्सीर औषधि है ।
स्मरणशक्ति की कमी, पागलपन, मिर्गी आदि मानसिक समस्याओं, चर्मरोग, पुराना बुखार, शारीरिक एवं मानसिक कमजोरी आदि में भी अत्यंत लाभदायी है ।
आधुनिक अनुसंधानों के अनुसार यह कैल्शियम, आयरन, जिंक एवं मैग्नेशियम का अच्छा स्रोत है । इसमें निहित एंटी ऑक्सीडेंट मधुमेह (diabetes), उच्च रक्तचाप (High B.P.), कैंसर आदि रोगों से सुरक्षा करने में सहायक है ।
सेवन-विधि : 15 से 25 मि.ली. रस सुबह खाली पेट लें ।
सावधानी – सर्दी, जुकाम, दमा (asthma) आदि कफ-संबंधी समस्याओं में तथा भूख कम लगती हो तो इसका सेवन नहीं करना चाहिए ।
*नवरात्रि*
19 मार्च 2026 दिन गुरुवार सुबह 06:54 बजे से प्रतिपदा प्रारंभ।
06:53 बजे से 08:17 बजे तक शुभ, दिवा 11:16 बजे से 12:46 बजे तक चंचल वेला, दिवा 12:46 बजे से 03:46 बजे तक लाभ अमृत वेला में पूजन एवं घट स्थापना करना शुभ रहेगा।
26 मार्च 2026 दिन गुरुवार दुर्गाष्टमी एवं श्री राम नवमी पूजा।
27 मार्च 2026 दिन शुक्रवार नवमी पूजन, हवन एवं कन्या भोज।
28 मार्च 2026 दिन शनिवार श्री धर्मराज दशमी।
*पंचक*
16 मार्च 2026 दिन सोमवार शाम 06:14 बजे से 20 मार्च 2026 दिन शुक्रवार रात्रि 02:28 बजे तक।
*एकादशी*
15 मार्च 2026 दिन रविवार पापमोचनी एकादशी।
29 मार्च 2026 दिन रविवार कामदा एकादशी।
*प्रदोष व्रत*
16 मार्च 2026 दिन सोमवार प्रदोष व्रत।
30 मार्च 2026 दिन सोमवार प्रदोष व्रत।
*पूर्णिमा*
01 अप्रैल 2026 दिन बुधवार वृत पूर्णिमा।
02 अप्रैल 2026 दिन गुरुवार स्नान दान पूर्णिमा।
*अमावस्या*
18 मार्च 2026 दिन बुधवार पितृ कार्य अमावस्या।
19 मार्च 2026 दिन गुरुवार स्नान दान अमावस्या।
*पंo वेदान्त अवस्थी*


