*~ आज का पञ्चाङ्ग~*
*दिनांक – 01 दिसम्बर 2025*
*दिन – सोमवार*
*संवत्सर – सिद्धार्थ*
*विक्रम संवत 2082*
*शक संवत -1947*
*कलि युगाब्द – 5127*
*अयन – दक्षिणायन*
*ऋतु – हेमंत ॠतु*
*मास – मार्गशीर्ष*
*पक्ष – शुक्ल*
*तिथि – एकादशी शाम 07:01 तक तत्पश्चात द्वादशी*
*नक्षत्र – रेवती रात्रि 11:18 तक तत्पश्चात अश्विनी*
*योग – व्यतीपात रात्रि 12:59 तक तत्पश्चात वरीयान*
*राहुकाल – सुबह 07:30 से सुबह 09:00 तक*
*सूर्योदय – 06:44*
*सूर्यास्त – 05:16*
स्थानीय समयानुसार राहुकाल सूर्यास्त सूर्योदय समय में अंतर सम्भव है।
*दिशाशूल – पूर्व दिशा मे*
*अग्निवास*
11+02+01=14÷4=02 पाताल लोक में।
*शिववास*
11+11+5=27÷7 =06 क्रीड़ा याम वासे।
*व्रत पर्व विवरण- मोक्षदा एकादशी, श्रीमद्भगवद्गीता जयंती,व्यतीपात योग (प्रातः 04:22 से रात्रि 12:59 तक),पंचक (समाप्त रात्रि 11:18)*
विशेष – *हर एकादशी को श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से घर में सुख शांति बनी रहती है l राम रामेति रामेति । रमे रामे मनोरमे ।। सहस्त्र नाम त तुल्यं । राम नाम वरानने ।।
आज एकादशी के दिन इस मंत्र के पाठ से विष्णु सहस्रनाम के जप के समान पुण्य प्राप्त होता है l
एकादशी के दिन बाल नहीं कटवाने चाहिए।
एकादशी को चावल व साबूदाना खाना वर्जित है | एकादशी को शिम्बी (सेम) ना खाएं अन्यथा पुत्र का नाश होता है।
जो दोनों पक्षों की एकादशियों को आँवले के रस का प्रयोग कर स्नान करते हैं, उनके पाप नष्ट हो जाते हैं।
*कर्ज-निवारक कुंजी भौम प्रदोष व्रत*
*02 दिसम्बर 2025 मंगलवार को भौमप्रदोष व्रत है।*
त्रयोदशी को मंगलवार उसे भौम प्रदोष कहते हैं ….इस दिन नमक, मिर्च नहीं खाना चाहिये, इससे जल्दी फायदा होता है | मंगलदेव ऋणहर्ता देव हैं। इस दिन संध्या के समय यदि भगवान भोलेनाथ का पूजन करें तो भोलेनाथ की, गुरु की कृपा से हम जल्दी ही कर्ज से मुक्त हो सकते हैं। इस दैवी सहायता के साथ थोड़ा स्वयं भी पुरुषार्थ करें। पूजा करते समय यह मंत्र बोलें –
*मृत्युंजयमहादेव त्राहिमां शरणागतम्।* *जन्ममृत्युजराव्याधिपीड़ितः कर्मबन्धनः।।*
*श्रीमद् भगवद्गगीता जयंती*
*गतांक से आगे……*
जानिए भगवद् गीता के 9 बेहतरीन मैनेजमेंट सूत्र जिनमे छुपा है आपकी हर परेशानी का हल
*8 श्लोक*
*न बुद्धिभेदं जनयेदज्ञानां कर्म संगिनाम्।*
*जोषयेत्सर्वकर्माणि विद्वान्युक्त: समाचरन्।।*
अर्थ- ज्ञानी पुरुष को चाहिए कि कर्मों में आसक्ति वाले अज्ञानियों की बुद्धि में भ्रम अर्थात कर्मों में अश्रद्धा उत्पन्न न करे किंतु स्वयं परमात्मा के स्वरूप में स्थित हुआ और सब कर्मों को अच्छी प्रकार करता हुआ उनसे भी वैसे ही कराए।
मैनेजमेंट सूत्र- ये प्रतिस्पर्धा का दौर है, यहां हर कोई आगे निकलना चाहता है। ऐसे में अक्सर संस्थानों में ये होता है कि कुछ चतुर लोग अपना काम तो पूरा कर लेते हैं, लेकिन अपने साथी को उसी काम को टालने के लिए प्रोत्साहित करते हैं या काम के प्रति उसके मन में लापरवाही का भाव भर देते हैं। श्रेष्ठ व्यक्ति वही होता है जो अपने काम से दूसरों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनता है। संस्थान में उसी का भविष्य सबसे ज्यादा उज्जवल भी होता है।
*9श्लोक*
*ये यथा मां प्रपद्यन्ते तांस्तथैव भजाम्यहम्।*
*म वत्र्मानुवर्तन्ते मनुष्या पार्थ सर्वश:।।*
अर्थ- हे अर्जुन। जो मनुष्य मुझे जिस प्रकार भजता है यानी जिस इच्छा से मेरा स्मरण करता है, उसी के अनुरूप मैं उसे फल प्रदान करता हूं। सभी लोग सब प्रकार से मेरे ही मार्ग का अनुसरण करते हैं।
मैनेजमेंट सूत्र- इस श्लोक के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण बता रहे हैं कि संसार में जो मनुष्य जैसा व्यवहार दूसरों के प्रति करता है, दूसरे भी उसी प्रकार का व्यवहार उसके साथ करते हैं। उदाहरण के तौर पर जो लोग भगवान का स्मरण मोक्ष प्राप्ति के लिए करते हैं, उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है। जो किसी अन्य इच्छा से प्रभु का स्मरण करते हैं, उनकी वह इच्छाएं भी प्रभु कृपा से पूर्ण हो जाती है। कंस ने सदैव भगवान को मृत्यु के रूप में स्मरण किया। इसलिए भगवान ने उसे मृत्यु प्रदान की। हमें परमात्मा को वैसे ही याद करना चाहिए, जिस रुप में हम उसे पाना चाहते हैं।
*पंचक*
27 नवम्बर 2025 दिन गुरुवार दोपहर 02:07 बजे से 01 दिसम्बर 2025 दिन सोमवार रात्रि 11:18 बजे तक।
*एकादशी*
01 दिसम्बर 2025 दिन सोमवार मोक्षदा एकादशी व्रत सर्वे।
*प्रदोष व्रत*
02 दिसम्बर 2025 दिन मंगलवार प्रदोष व्रत।
*पूर्णिमा*
04 दिसम्बर 2025 दिन गुरुवार स्नान दान वृत पूर्णिमा।
*पंo वेदान्त अवस्थी*
आज का पंचांग 1 दिसंबर 2025
By Janhit TV
Published on:



