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आज का पंचांग 4 नवंबर 2025

By Janhit TV

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*~ आज का पञ्चाङ्ग~*
*दिनांक – 04 नवम्बर 2025*
*दिन – मंगलवार*
*संवत्सर – सिद्धार्थ*
*विक्रम संवत 2082*
*शक संवत -1947*
*कलि युगाब्द – 5127*
*अयन – दक्षिणायन*
*ऋतु – शरद ॠतु*
*मास – कार्तिक*
*पक्ष – शुक्ल*
*तिथि – चतुर्दशी रात्रि 10:36 तक तत्पश्चात पूर्णिमा*
*नक्षत्र – रेवती दोपहर 12:34 तक तत्पश्चात अश्विनी*
*योग – वज्र शाम 03:43 तक तत्पश्चात सिद्धि*
*राहुकाल – शाम 03:00 से शाम 04:30 तक*
*सूर्योदय – 06:29*
*सूर्यास्त – 05:31*
स्थानीय समयानुसार राहुकाल सूर्यास्त सूर्योदय समय में अंतर सम्भव है।
*दिशाशूल – उत्तर दिशा मे*
*अग्निवास*
14+03+01=18÷4=02 पाताल लोक में।
*शिववास*
14+14+5=33÷7 =05 भोजन चैव वासे।
*व्रत पर्व विवरण- वैकुंठ चतुर्दशी,पंचक (समाप्त: दोपहर 12:34)*
विशेष – चतुर्दशी व पूर्णिमा एवं व्रत के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)

*मार्गशीर्ष मास विशेष*
06 नवंबर 2025 गुरुवार से मार्गशीर्ष का आरम्भ हो रहा है।
विशेष ~ (गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार अभी कार्तिक मास)
१) मार्गशीर्ष मास में इन तीन के पाठ की बहुत ज्यादा महिमा है ….. विष्णुसहस्त्र नाम ….भगवत गीता…. और गजेन्द्रमोक्ष की खूब महिमा है…खूब पढ़ो …. दिन में २ बार -३ बार
२) इस मास में ‘श्रीमद भागवत’ ग्रन्थ को देखने की भी महिमा है …. स्कन्द पुराण में लिखा है …. घर में अगर भागवत हो तो एक बार दिन में उसको प्रणाम करना
३) इस मास में अपने गुरु को …. इष्ट को ….” ॐ दामोदराय नमः ” कहते हुए प्रणाम करने की बड़ी भारी महिमा है |
४) शंख में तीर्थ का पानी भरो और घर में जो पूजा का स्थान है उसमें भगवान – गुरु उनके ऊपर से शंख घुमाकर भगवान का नाम बोलते हुए वो जल घर की दीवारों पर छाटों …… उससे घर में शुद्धि बढ़ती है…शांति बढ़ती है ….क्लेश झगड़े दूर होते है।

*मार्गशीर्ष मास*
इस मास में कर्पूर का दीपक जलाकर भगवान को अर्पण करनेवाला अश्वमेघ यज्ञ का फल पाता है और कुल का उद्धार कर देता है ।
*पंचक*
31 अक्टूबर 2025 दिन शुक्रवार सुबह 06:48 बजे से 04 नवम्बर 2025 दिन मंगलवार दोपहर 12:35 बजे तक।
*पूर्णिमा*
05 नवम्बर 2025 दिन बुधवार स्नान दान वृत पूर्णिमा।
*पंo वेदान्त अवस्थी*

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