आज का पञ्चाङ्ग~*
*दिनांक – 04 दिसम्बर 2025*
*दिन – गुरूवार*
*संवत्सर – सिद्धार्थ*
*विक्रम संवत 2082*
*शक संवत -1947*
*कलि युगाब्द – 5127*
*अयन – दक्षिणायन*
*ऋतु – हेमंत ॠतु*
*मास – मार्गशीर्ष*
*पक्ष – शुक्ल*
*तिथि – चतुर्दशी सुबह 08:37 तक तत्पश्चात पूर्णिमा*
*नक्षत्र – कृत्तिका दोपहर 02:54 तक तत्पश्चात रोहिणी*
*योग – शिव दोपहर 12:34 तक तत्पश्चात सिद्ध*
*राहुकाल – दोपहर 01:51 से शाम 03:01 तक*
*सूर्योदय – 06:46*
*सूर्यास्त – 05:14*
स्थानीय समयानुसार राहुकाल सूर्यास्त सूर्योदय समय में अंतर सम्भव है।
*दिशाशूल – दक्षिण दिशा मे*
*अग्निवास*
15+05+01=21÷4=01 स्वर्ग लोक में।
*शिववास*
15+15+5=35÷7 =00 श्मशान वासे।
व्रत पर्व विवरण- व्रत पूर्णिमा,मार्गशीर्ष पूर्णिमा,पूर्णिमा क्षय तिथि
विशेष – चतुर्दशी अमावस्या व पूर्णिमा एवं व्रत के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)
*विद्याध्ययन में आनेवाली पाँच बाधाएँ*
बालकों को विद्याध्ययन में पाँच बाधाओं से सावधान रहना चाहिए
*1) अभियान,*
*2) क्रोध,*
*3) प्रमाद ,*
*4) असंयम,*
*5) आलस्य*
ये पाँच दोष शिक्षा में बाधक बनते हैं |
*ससुराल में तकलीफ़ हो तो*
सुहागन देवियाँ को अगर ससुराल में बहुत कष्ट है …. अपनी शुभ मनोकामनाएं पूरी न होने की पीड़ा है, उनके लिए महर्षि अंगीरा के बताये अनुसार मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को माँ पार्वती का स्मरण करते हुए उनको मन ही मन प्रणाम करें …. ” हे माँ मैं अपने घर में सुख … शांति … और समृद्धि की वृद्धि हेतु ये व्रत कर रही हूँ “… सुबह ये संकल्प करें और ११ मंत्र से माँ पार्वती को प्रणाम करें ….
*ॐ पार्वतये नमः*
*ॐ हेमवत्ये नमः*
*ॐ अम्बिकाय नमः*
*ॐ गिरीश वल्लभाय नमः*
*ॐ गंभीर नाभ्ये नमः*
*ॐ अपर्नाये नमः*
*ॐ महादेव्यै नमः*
*ॐ कंठ कामिन्ये नमः*
*ॐ क्षण मुखाये नमः*
*ॐ लोक मोहिन्ये नमः*
*ॐ मेनका कुक्षी रत्नाये नमः*
ये 11 नाम कम से कम एक बार तो बोल ही लेना, ज्यादा भी बोल सकतें है । जो बहने ये न कर पायें तो उनकी ओर से घर का कोई भी ब्यक्ति उसके लिए कर सकता है और प्रार्थनाा करे की इसका पुण्य उन्हें पहुंचे उनके घर में भी सुख शांति बनी रहे ।
विशेष – 04 दिसम्बर 2025 गुरुवार को मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा है ।
*पंo वेदान्त अवस्थी*



