*~ आज का पञ्चाङ्ग ~* *दिनांक – 28 अगस्त 2025*
*दिन – गुरूवार*
*संवत्सर – सिद्धार्थ*
*विक्रम संवत 2082*
*शक संवत -1947*
*कलि युगाब्द – 5127*
*अयन – दक्षिणायन*
*ऋतु – वर्षा ॠतु*
*मास – भाद्रपद*
*पक्ष – शुक्ल*
*तिथि – पंचमी शाम 05:56 तक तत्पश्चात षष्ठी*
*नक्षत्र – चित्रा सुबह 08:43 तक तत्पश्चात स्वाती*
*योग – शुक्ल दोपहर 01:18 तक तत्पश्चात ब्रह्म*
*राहुकाल – दोपहर 02:14 से शाम 03:49 तक*
*सूर्योदय – 05:41*
*सूर्यास्त – 06:19*
स्थानीय समयानुसार राहुकाल सूर्यास्त सूर्योदय समय में अंतर सम्भव है।
*दिशाशूल – दक्षिण दिशा मे*
*अग्निवास*
05+05+01=11÷4=03 प्रथ्वी लोक में।
*शिववास*
05+05+5=15÷7 =01 कैलाश वासे।
*व्रत पर्व विवरण – ऋषि पंचमी,सामा पंचमी*
विशेष – पंचमी को बेल खाने से कलंक लगता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
*सूर्य षष्ठी*
भाद्रपद मास शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मोरयाई छठ का व्रत रखा जाता है। इसे मोर छठ या कुछ स्थानों पर सूर्य षष्ठी व्रत भी कहते हैं। इस बार यह व्रत 29 अगस्त, शुक्रवार को है। भविष्योत्तर पुराण के अनुसार, प्रत्येक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को भगवान सूर्य के निमित्त व्रत करना चाहिए। इनमें भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी का विशेष महत्व है। इस दिन गंगा स्नान, सूर्योपासना, जप एवं व्रत किया जाता है। इस दिन सूर्य पूजन, गंगा स्नान एवं दर्शन तथा पंचगव्य सेवन से अश्वमेघ यज्ञ के समान फल प्राप्त होता है। इस दिन व्रत को अलोना (नमक रहित) भोजन दिन में एक बार ही ग्रहण करना चाहिए। सूर्य पूजा में लाल फूल, गुलाल, लाल कपड़ा, लाल रंग की मिठाई आदि का विशेष महत्व है।
*गणेश उत्सव*
मोर पंख सिर्फ भगवान श्रीकृष्ण को नहीं, बल्कि सभी देवी–देवताओं को प्रिय है। इसमें नौ ग्रहों का निवास भी माना गया है। ज्योतिष शास्त्र से जुड़े कुछ खास उपायों को गणेश उत्सव पर किया जाए तो पैसों के साथ ही जीवन की अन्य कई तरह की समस्याओं को दूर किया जा सकता है। आइए जानते हैं मोर पंख से जुड़े कुछ खास आसान उपाय….
*गणेश उत्सव में सिर्फ 1 मोर पंख बदल सकता है आपका भाग्य*
*कारगर उपाय*
आपका भाग्य बदल सकता है गणेश जी को चढ़ाया हुआ एक मोरपंख
*पैसों से जुड़ी प्राॅब्लम*
जिन लोगों को पैसों की कमी रहती है वे पर्स में ये मोर पंख रखें।
*रुके हुए काम होंगे पूरे*
इस मोर पंख को हमेशा साथ रखने पर रुके हुए काम पूरे होने लगते हैं।
*बच्चा जिद्दी हो तो*
उस बच्चे के सिर से पैर तक ये मोर पंख फिरा दें। फायदा होगा।
*डरावने सपने आते हों तो*
रात में डरावने सपने आते हों तो मोर पंख को सिरहाने रखकर सोएं।
*नकारात्मक शक्ति*
मोर पंख को घर के किसी ऐसी जगह पर रखें जहां से वो दिखाई दे तो नकारात्मकता दूर होगी।
*बरकत के लिए*
साउथ इस्ट में इस मोर पंख को रखने से घर में हमेशा बरकत रहेगी।
*किताब में मोर पंख*
इस मोर पंख को स्टूडेंट अपनी किताब में रखें तो पढ़ाई में मन लगने लगेगा।
*यदि वास्तुदोष हो तो*
यदि मुख्य द्वार दोष में हो तो दरवाजे के ऊपर तीन मोर पंख लगाएं। *शत्रु परेशान कर रहा हो तो*
मंगलवार को मोर पंख से हनुमानजी के मस्तक पर सिंदूर से शत्रु का नाम लिखे।रात भर मोर पंख को देवस्थान पर रखें व सुबह बहते हुए जल में प्रवाहित कर दे
*पंचक*
06 सितम्बर 2025 दिन शनिवार दोपहर 11:21 बजे से 10 सितम्बर 2025 दिन साय 04:03 बजे तक।
*एकादशी*
03 सितम्बर 2025 बुधवार पद्मा(कर्मा)एकादशी व्रत गृहस्थ।
04 सितम्बर 2025 दिन गुरुवार पद्मा(कर्मा)एकादशी वृत वैष्णव।
*प्रदोष*
05 सितम्बर 2025 दिन शुक्रवार प्रदोष व्रत।
*पूर्णिमा*
06 सितम्बर 2025 दिन शनिवार अनंत चतुर्दशी।
07 सितम्बर 2025 दिन रविवार स्नान दान वृत पूर्णिमा। श्राद्ध प्रारंभ।
*पंo वेदान्त अवस्थी*
आज का पंचांग 28 अगस्त 2025
By Janhit TV
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