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आज का पंचांग 15 सितंबर 2025

By Janhit TV

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*~ आज का पञ्चाङ्ग~*
*दिनांक – 15 सितम्बर 2025*
*दिन – सोमवार*
*संवत्सर – सिद्धार्थ*
*विक्रम संवत 2082*
*शक संवत -1947*
*कलि युगाब्द – 5127*
*अयन – दक्षिणायन*
*ऋतु – वर्षा ॠतु*
*मास – आश्विन*
*पक्ष – कृष्ण*
*तिथि – नवमी 16 सितम्बर रात्रि 01:31 तक तत्पश्चात दशमी*
*नक्षत्र – मृगशिरा सुबह 07:31 तक तत्पश्चात आर्द्रा*
*योग – व्यतीपात 16 सितम्बर रात्रि 02:34 तक तत्पश्चात वरीयान*
*राहुकाल – सुबह 07:58 से सुबह 09:30 तक*
*सूर्योदय – 05:54*
*सूर्यास्त – 06:06*
स्थानीय समयानुसार राहुकाल सूर्यास्त सूर्योदय समय में अंतर सम्भव है।
*दिशाशूल – पूर्व दिशा मे*
*अग्निवास*
24+02+01=27÷4=03 प्रथ्वी लोक में।
*शिववास*
24+24+5=53÷7 =04 सभायाम वासे।
*व्रत पर्व विवरण – नवमी का श्राद्ध,सौभाग्यवती का श्राद्ध,व्यतीपात योग (प्रातः 04:55 से मध्यरात्रि 02:34 तक)*
विशेष – नवमी को लौकी खाना गोमांस के समान त्याज्य है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
*इससे आपका मन लगने लगेगा*
यदि दुकान अथवा व्यवसाय-स्थल पर आपका मन नहीं लगता है तो इसके लिए आप जिस स्थान पर बैठते हैं वहाँ थोडा-सा कपूर जलायें, अपनी पसंद के पुष्प रखें और स्वस्तिक या ॐकार को अपलक नेत्रों से देखते हुए कम-से-कम ५ – ७ बार ॐकार का दीर्घ उच्चारण करें |
अपने पीछे दीवार पर ऊपर ऐसा चित्र लगायें जिसमें प्राकृतिक सौंदर्य हो, ऊँचे –ऊँचे पहाड़ हों परंतु वे नुकीले न हों और न ही उस चित्र में जल हो अथवा यथायोग्य किसी स्थान पर आत्मज्ञानी महापुरुषों, देवी-देवताओं के चित्र लगायें | इससे आपका मन लगने लगेगा |

*पितृ पक्ष*
अभी पितृ पक्ष चल रहा है | अपने घर के लोग जो गुजर गये हैं | उनकी आत्मा को शांति देने के लिए इतना जरूर करें कि अब सर्व पितृ अमावस्या आयेगी, (21 सितम्बर 2025 रविवार को ) उस दिन गीता का 7 अध्याय पाठ करें, सूर्य भगवान के सामने जल और अन्न ले जाकर प्रार्थना करें कि: “हे सूर्यदेव, यमराज आपके पुत्र हैं, हमारे घर के जो भी गुजर गये उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें, आज के गीता के पाठ का पुण्य उनके लिए दीजिये” पितृ गण राजी होंगे, घर में अच्छी संतान जन्म लेगी यह सर्व पितृ अमावस्या के दिन जरूर करें।
*उन्नतिकारक कुंजियाँ*
हल्का भोजन करने से शरीर में स्थूलता कम होती है, मन भी सूक्ष्म होता है | सूक्ष्म मन प्रसन्नता का द्योतक है |
भृकुटी में तिलक करने से ज्ञानशक्ति का विकास होता है |
*नवरात्रि*
22 सितम्बर 2025 दिन सोमवार प्रतिपदा।
प्रातः 06:30 बजे से 08:00 बजे तक अमृत वेला।
दिवा 09:30 बजे से 11:00 बजे तक शुभ।
दिवा 1206 बजे से 1255 बजे तक अभिजित वेला में पूजन एवं घट स्थापना करना (श्रेष्ठ)शुभ रहेगा।
01 अक्टूब 2025 दिन बुधवार नवमी। देवी पूजन, हवन, कन्या पूजनोपरांत वृत पारण ।
*पंचक*
03 अक्टूबर 2025 दिन शुक्रवार रात्रि 09:28 बजे से 07 अक्टूबर 2025 दिन मंगलवार रात्रि 01:28 बजे तक।
*एकादशी*
17 सितम्बर 2025 बुधवार इन्दिरा एकादशी व्रत सर्वे।
03 अक्टूबर 2025 दिन शुक्रवार पापांकुशा एकादशी व्रत सर्वे।
*प्रदोष*
19 सितम्बर 2025 दिन शुक्रवार प्रदोष व्रत। मासिक शिव रात्रि।
04 अक्टूबर 2025 दिन शनिवार प्रदोष व्रत।
*पूर्णिमा*
06 अक्टूबर 2025 दिन सोमवार वृत शरद पूर्णिमा।
07 अक्टूबर 2025 दिन मंगलवार स्नान दान पूर्णिमा।
*अमावस्या*
21 सितम्बर 2025 दिन रविवार पितृ विसर्जन अमावस्या।
*पंo वेदान्त अवस्थी*

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