आज का पञ्चाङ्ग~
*दिनांक – 01 अगस्त 2025*
*दिन – शुक्रवार*
*संवत्सर – सिद्धार्थ*
*विक्रम संवत 2082*
*शक संवत -1947*
*कलि युगाब्द – 5127*
*अयन – दक्षिणायन*
*ऋतु – वर्षा ॠतु*
*मास – श्रावण*
*पक्ष – शुक्ल*
*तिथि – अष्टमी अष्टमी पूर्ण रात्रि तक*
*नक्षत्र – स्वाती 02 अगस्त रात्रि 03:40 तक तत्पश्चात विशाखा*
*योग – शुभ 02 अगस्त प्रातः 05:30 तक तत्पश्चात शुक्ल*
*राहुकाल – सुबह 11:07 से दोपहर 12:45 तक*
*सूर्योदय – 05:24*
*सूर्यास्त – 06:36*
स्थानीय समयानुसार राहुकाल सूर्यास्त सूर्योदय समय में अंतर सम्भव है।
*दिशाशूल – पश्चिम दिशा मे*
*अग्निवास*
08+06+01=15÷4=03 प्रथ्वी लोक में।
*शिववास*
08+08+5=21÷7 =00 श्मशान वासे।
*व्रत पर्व विवरण – अष्टमी वृद्धि तिथि*
विशेष – अष्टमी को नारियल का फल खाने से बुद्धि का नाश होता है (ब्रह्मवैवर्त पुराण ब्रह्म खण्ड: 27,29,34)
चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)
चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।
*कोई भी ग्रह विपरीत हो तो*
नौ ग्रहों में से कोई भी ग्रह किसीको विपरीत हो या कष्टदायी हो रहा हो तो शिवजी की पूजा करने से सब शांत रहते है | सब ग्रहों के स्वामी है शिवजी |
*दीर्घायु के लिए*
२ ग्राम सौंठ में पानी मिलाकर रात को लोहे की कड़ाही के अंदर लेप करें l प्रातः काल वह सौंठ दूंध में मिलाकर पीने से दीर्घायुश की प्राप्ति होती है l
*खोयी हुई आध्यात्मिक शक्ति पुनः प्राप्त करने के लिए*
अगर आपने किसी कारण से आध्यात्मिक शक्ति खो दी है तो आसन पर बैठकर ह्रदय में अनाहत चक्र का ध्यान करें l ऋषि विश्वामित्र जी को भी इसी प्रयोग से खोई हुई शक्ति पुनः प्राप्त हुई थी l
*पंचक*
09 अगस्त 2025 दिन शनिवार रात्रि 02:11 बजे से 14 अगस्त 2025 दिन सुबह 09:06 बजे तक।
*एकादशी*
05 अगस्त 2025 दिन मंगलवार पुत्रदा एकादशी व्रत सर्वे ।
*प्रदोष व्रत*
06 अगस्त 2025 दिन बुधवार प्रदोष व्रत।
*पूर्णिमा*
08 अगस्त2025 दिन शुक्रवार वृत पूर्णिमा।
09 अगस्त 2025 दिन शनिवार श्रावणी उपाकर्म (रक्षा बन्धन) स्नान दान पूर्णिमा।
*पंo वेदान्त अवस्थी*



