*नगर परिषद गुढ़ अध्यक्ष अर्चना सिंह की डामाडोल कुर्सी अब जल्द ही गिरने की कगार पर पहुंच चुकी है*
*नगर परिषद गुढ़ के 9 पार्षदों के द्वारा अविश्वास प्रस्ताव को लेकर सभी पार्षदों ने माननीय कलेक्टर रीवा को सौप पत्र*
*भ्रष्टाचार की प्रकाष्ठा इतनी पार कर चुकी की अध्यक्ष की भाजपा के ही कई पार्षदों ने अपने ही अध्यक्ष के खिलाफ खोल दिया मोर्चा और अध्यक्ष पद से हटाने का ठान लिया*
*सोशल मीडिया में गुढ़ की जनता को मीठे बोल-बोल कर, करोड़ों की संपत्ति अर्जित कर गुढ़ की जनता को भ्रष्टाचार के दलदल में नगर परिषद अध्यक्ष अर्चना सिंह ने धकेल दिया
गुढ़। जैसा गुढ़ नगर परिषद के 01 वार्ड से लेकर 15 वार्ड तक 10 हजार के आसपास की जनता है और उसे 10 हजार की जनता में आधे से ज्यादा गुढ़ की जनता नगर परिषद गुढ़ के अध्यक्ष अर्चना सिंह के भ्रष्टाचार से इस तरह से तृप्त हो चुकी थी कि जैसे यहां भाजपा नहीं की सरकार नहीं जंगल राज चल रहा हो और जंगल राज ऐसे ही नहीं इस जंगल राज में अध्यक्ष के साथ ही अध्यक्ष पति महोदय डॉक्टर कल्याण सिंह भी नगर परिषद गुढ़ के हर एक काम में पूरी तरह से सम्मिलित हो कर अपनी कार्यपालिता निभाते हुए भ्रष्टाचार की पूरी कहानी में हमेशा सम्मिलित रहे ऐसा हम नहीं गुढ़ की जनता का कहना है। क्योंकि नगर परिषद गुढ़ में कई विपरीत प्रस्ताव पारित कर गुढ़ नगर परिषद के अंदर फर्जी नियुक्ति एवं फर्जी प्रस्ताव पारित कर संविदा कर्मचारियों की नियुक्ति करने की कोशिश करने की पूरी तरह से कोशिश भी की गई यही नहीं इनकी एक नहीं कई अनगिनत ऐसे कार्य हैं की जो गिनती करने के लग जाए तो 100 से 200 पन्ने की एक फाइल बनेगी और उसमें भी पूरी कहानी नहीं पूरी हो पाएगी क्यों कि भ्रष्टाचार इतना कर चुकी की अपनी जेब भरने में भी कुछ बाते इनके भ्रष्टाचार की छूट सकती हैं इन 3 सालों के कार्यकाल में उन्होंने गुढ़ नगर परिषद के अंदर इतना भ्रष्टाचार कर दिया है।
*गुढ़ नगर परिषद अध्यक्ष अर्चना सिंह अपने 3 वर्षों के कार्यकाल में की कई कार्यो में घोटाले बाजी-:*
* 1. नगर परिषद गुढ़ अध्यक्ष के द्वारा अपने निजी वाहन में प्रति माह 100 लीटर डीजल अपने निजी कार्यों के अलावा अन्य कामों में अपनी वाहन का उपयोग कर उसकी जानकारी नगर परिषद की अन्य वाहनों में काम डालकर बता दिया जाता था।
* 2. नगर परिषद गुढ़ अध्यक्ष अर्चना सिंह के द्वारा जो की एक पूरी नगर परिषद की अध्यक्ष और पहली महिला होती हैं लेकिन उनके द्वारा उन्हीं वार्डों में विकास कार्य किए जाते थे और प्रस्ताव पारित किए जाते थे जहां उनके कही गई बातों पर पार्षद हां करते थे अगर मना करने पर उन पार्षदों के वार्डो पर विकास का कोई कार्य नहीं किया जाता था।
* 3. नगर परिषद गुढ़ अध्यक्ष अर्चना सिंह के ऊपर विपक्ष के पार्षदों द्वारा जानकारी देते हुए बताया गया कि उनके द्वारा भ्रष्टाचार करने की इतनी खुजली मची हुई थी कि उन्होंने वार्ड क्रमांक 14 एवं 15 में जेसीबी मशीन चलाने के नाम पर फर्जी बिल बनाकर स्वयं वह राशि का उपयोग खुद कर ली जबकि ऐसा कोई भी कार्य उन वार्डो में कभी नहीं किया गया है।
* 4. वहीं नगर परिषद गुढ़ अध्यक्ष के द्वारा गुढ़ बस स्टैंड में अतिक्रमण के नाम पर लोगों को घर गिराया गया लेकिन बाद में फिर से उसी जगह पर फिर से अवैध मकान निर्माण करवा दिए गए जहां उन मकान को लेकर नगर परिषद गुढ़ मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने अपने हस्ताक्षर से उन्हें अवैध बताया लेकिन उसके बावजूद भ्रष्टाचार और पैसे खाने की इतनी चुलुक लगी हुई थी की राजनीतिक दबाव बनाते हुए उन आदेशों को निरस्त करते हुए अवैध अतिक्रमण में गिरे हुए घरों को पुनः अतिक्रमण करने का आदेश देकर अपनी जेब भर ली गई।
* 5. नगर परिषद गुढ़ अध्यक्ष अर्चना सिंह अपने नगर परिषद में कार्यकाल के 3 साल में रहते हुए इतनी पूंजी एकत्रित कर ली गई कि जो की एक सरकारी डॉक्टर और जनता की सेवा के आलाप सोशल मीडिया में हवा बाजी करने वाली नगर परिषद अध्यक्ष उनकी महीने की इनकम का भी आंकड़ा लगाया जाए तो भी उसे 10 गुना ज्यादा इनके पास संपत्ति निकलेगी आखिर ऐसी करोड़ों की संपत्ति उनके पास कहां से आ गई इन 03 वर्ष के कार्यकाल में जो कि भ्रष्टाचार की एक चरम सीमा पार कर गुढ़ की जनता का पैसा विकास के नाम पर लूट कर अरबों की संपत्ति गुढ़ विधानसभा क्षेत्र के अंदर बना ली गई।
कई करोड़ के भ्रष्टाचार के बाद नगर परिषद गुढ़ के भाजपा के ही पार्षदों ने अपनी ही अध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और अविश्वास प्रस्ताव लाने के उसमें माननीय कलेक्टर रीवा को पत्र सौंपते हुए जल्दी इस पर निर्णय लेने के लिए आग्रह किया जहां पक्ष और विपक्ष दोनों पार्षद इस अविश्वास प्रस्ताव में शामिल होकर नगर परिषद गुढ़ की वर्तमान अध्यक्ष की भ्रष्टाचार की डामाडोल इतनी बढ़ चुकी कि अब विपक्ष तो ठीक ही है भाजपा के ही पार्षद अपनी ही अध्यक्ष के खिलाफ चले गए और अब उन्होंने अध्यक्ष की कुर्सी से हटाने का ठान लिया गया है।




