~*आज का पञ्चाङ्ग* ~
*दिनांक – 12 सितंबर 2026*
*दिन – शनिवार*
*संवत्सर – रौद्र*
*विक्रम संवत 2083 (गुजरात अनुसार 2082)*
*कलि युगाब्द – 5128*
*शक संवत -1948*
*अयन – दक्षिणायन*
*ऋतु – वर्षा ॠतु*
*मास – भाद्रपद*
*पक्ष – शुक्ल*
*तिथि – प्रतिपदा सुबह 07:46 तक तत्पश्चात द्वितीया*
*नक्षत्र – उत्तराफाल्गुनी दोपहर 12:55 तक तत्पश्चात हस्त*
*योग – शुभ शाम 03:09 तक तत्पश्चात शुक्ल*
*राहुकाल – सुबह 09:00 से सुबह 10:30 तक*
*सूर्योदय – 05:51*
*सूर्यास्त – 06:09*
स्थानीय समयानुसार राहुकाल सूर्यास्त सूर्योदय समय में अंतर सम्भव है।
*दिशाशूल – पूर्व दिशा मे*
*अग्निवास*
01+07+01=09÷4=01 स्वर्ग लोक में।
*शिववास*
01+01+5=07÷7 =00 श्मशान वासे।
*व्रत पर्व विवरण- चंद्र-दर्शन (शाम 06:34 से रात्रि 07:09 तक)*
विशेष- प्रतिपदा को कूष्माण्ड (कुम्हड़ा पेठा) न खाएं क्योकि यह धन का नाश करने वाला है (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)
✨ चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)
✨ चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।
*गणेश चतुर्थी*
14 सितम्बर, सोमवार को भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि है। धर्म ग्रंथों के अनुसार, इसी दिन भगवान श्रीगणेश का प्राकट्य माना जाता है। इस दिन भगवान श्रीगणेश को प्रसन्न करने के लिए व्रत व पूजन किया जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस दिन कुछ विशेष उपाय किए जाएं तो भगवान श्रीगणेश अपने भक्तों पर प्रसन्न होकर उनकी हर मनोकामना पूरी करते हैं। अगर आप भी इस विशेष अवसर का लाभ उठाना चाहते हैं तो ये उपाय विधि-विधान पूर्वक करें-)
जो चाहिए वो मिलेगा गणेशजी के इन उपायों में से , कोई भी 1 करें
1. शास्त्रों में भगवान श्रीगणेश का अभिषेक करने का विधान बताया गया है। गणेश चतुर्थी पर भगवान श्रीगणेश का अभिषेक करने से विशेष लाभ होता है। इस दिन आप शुद्ध पानी से श्रीगणेश का अभिषेक करें। साथ में गणपति अथर्व शीर्ष का पाठ भी करें। बाद में मावे के लड्डुओं का भोग लगाकर भक्तों में बांट दें।
2. ज्योति शास्त्र के अनुसार, गणेश यंत्र बहुत ही चमत्कारी यंत्र है। गणेश चतुर्थी पर घर में इसकी स्थापना करें। इस यंत्र की स्थापना व पूजन से बहुत लाभ होता है। इस यंत्र के घर में रहने से किसी भी प्रकार की बुरी शक्ति घर में प्रवेश नहीं करती।
3. अगर आपके जीवन में बहुत परेशानियां हैं, तो आप गणेश चतुर्थी को हाथी को हरा चारा खिलाएं और गणेश मंदिर जाकर अपनी परेशानियों का निदान करने के लिए प्रार्थना करें। इससे आपके जीवन की परेशानियां कुछ ही दिनों में दूर हो सकती हैं।
4. अगर आपको धन की इच्छा है, तो इसके लिए आप गणेश चतुर्थी को सुबह स्नान आदि करने के बाद भगवान श्रीगणेश को शुद्ध घी और गुड़ का भोग लगाएं। थोड़ी देर बाद घी व गुड़ गाय को खिला दें। ये उपाय करने से धन संबंधी समस्या का निदान हो सकता है।
5. गणेश चतुर्थी पर सुबह स्नान आदि करने के बाद समीप स्थित किसी गणेश मंदिर जाएं और भगवान श्रीगणेश को 21 गुड़ की गोलियां बनाकर दूर्वा के साथ चढ़ाएं। इस उपाय से भगवान आपकी हर मनोकामना पूरी कर सकते हैं ।
6. गणेश चतुर्थी पर पीले रंग की गणेश प्रतिमा अपने घर में स्थापित कर पूजा करें। पूजन में श्रीगणेश को हल्दी की पांच गठान श्री गणाधिपतये नम: मंत्र का उच्चारण करते हुए चढ़ाएं। इसके बाद 108 दूर्वा पर गीली हल्दी लगाकर श्री गजवकत्रम नमो नम: का जप करके चढ़ाएं। यह उपाय लगातार 10 दिन तक करने से प्रमोशन होने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।
7. गणेश चतुर्थी पर किसी गणेश मंदिर में जाएं और दर्शन करने के बाद अपनी इच्छा के अनुसार गरीबों को दान करें। कपड़े, भोजन, फल, अनाज आदि दान कर सकते हैं। दान के बाद दक्षिणा यानी कुछ रुपए भी दें। दान से पुण्य की प्राप्ति होती है और भगवान श्रीगणेश भी अपने भक्तों पर प्रसन्न होते हैं।
8. यदि बेटी का विवाह नहीं हो पा रहा है, तो गणेश चतुर्थी पर विवाह की कामना से भगवान श्रीगणेश को मालपुए का भोग लगाएं व व्रत रखें। शीघ्र ही उसके विवाह के योग बन सकते हैं।
9. गणेश चतुर्थी को दूर्वा (एक प्रकार की घास) के गणेश बनाकर उनकी पूजा करें। मोदक, गुड़, फल, मावा-मिष्ठान आदि अर्पण करें। ऐसा करने से भगवान गणेश सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं।
10. यदि लड़के के विवाह में परेशानियां आ रही हैं, तो वह गणेश चतुर्थी पर भगवान श्रीगणेश को पीले रंग की मिठाई का भोग लगाएं। इससे उसके विवाह के योग बन सकते हैं।
11. गणेश चतुर्थी पर व्रत रखें। शाम के समय घर में ही गणपति अर्थवशीर्ष का पाठ करें। इसके बाद भगवान श्रीगणेश को तिल से बने लड्डुओं का भोग लगाएं। इसी प्रसाद से अपना व्रत खोलें और भगवान श्रीगणेश से मनोकामना पूर्ति के लिए प्रार्थना करें।
*पंo वेदान्त अवस्थी*
*गणेश उत्सव*
14 सितम्बर 2026 सोमवार से गणेश उत्सव शुरू हो रहा है जो की ये 10 दिन भगवान गणेश को प्रसन्न करने और उनकी कृपा पाने के लिए बहुत ही खास माने जाते हैं। वास्तुशास्त्र में भी कुछ वस्तुओं का खास संबंध भगवान गणेश से माना जाता है। यदि आज इन 5 में से एक भी वस्तु घर लाई जाए तो भगवान गणेश के साथ-साथ देवी लक्ष्मी भी प्रसन्न होती है और घर-परिवार पर उनकी कृपा हमेशा बनी रहती है।
*गणेश की नृत्य करती प्रतिमा*
धन संबंधी परेशानियां दूर करने के लिए नृत्य करती गणेश प्रतिमा घर में रखना शुभ माना जाता है। प्रतिमा को इस तरह रखें कि घर के मेन गेट पर भगवान गणेश की दृष्टि रहे।
*बांसुरी*
बांसुरी घर में रखने से घर में लक्ष्मी का वास बना रहता है।इससे घर के वास्तु दोष दूर होते हैं और धन पाने के योग बनने लगते हैं।
*एकाक्षी नारियल*
जिस घर में एकाक्षी नारियल रखा जाता है और इसकी नियमित पूजा होती है, वहां नेगेटिविटी नहीं ठहरती है, न ही कभी धन-धान्य की कमी होती है।
*घर के मंदिर में शंख*
शंख में वास्तु दोष दूर करने की अद्भुत शक्ति होती है। जिस घर के पूजा स्थल में शंख की स्थापना भी की जाती है, वहां देवी लक्ष्मी स्वयं निवास करती हैं।
*कुबेर की मूर्ति*
भगवान कुबेर उत्तर दिशा के स्वामी माने जाते हैं, इसलिए उत्तर दिशा में इनकी मूर्ति रखने से घर में कभी पैसों की कमी नहीं होती।
14 सितम्बर 2026 दिन सोमवार हरतालिका तीज वृत एवं गणेश चतुर्थी ।
22 सितम्बर 2026 बुढ़वा मंगल।
25 सितम्बर 2026 दिन शुक्रवार अन्नत चतुर्दशी।
*पंचक*
23 सितम्बर 2026 दिन बुधवार रात्रि 09:57 बजे से 28 सितम्बर 2026 दिन सोमवार सुबह 10:16 बजे तक।
*एकादशी*
22 सितम्बर 2026 दिन मंगलवार पद्मा (कर्मा) एकादशी।
*प्रदोष व्रत*
24 सितम्बर 2026 दिन गुरुवार प्रदोष व्रत।
*पूर्णिमा*
26 सितम्बर 2026 दिन शनिवार स्नान दान वृत पूर्णिमा।
श्राद्ध प्रारम्भ।
*पंo वेदान्त अवस्थी*
आज का पंचांग 12 सितंबर 2026
By Janhit TV
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