*आज का पञ्चाङ्ग*
*दिनांक – 23 मई 2026*
*दिन – शनिवार*
*संवत्सर –रौद्र*
*विक्रम संवत 2083*
*शक संवत -1948*
*कलि युगाब्द – 5128*
*अयन – उत्तरायण*
*ऋतु – ग्रीष्म ॠतु*
*मास – अधिक ज्येष्ठ*
*पक्ष – शुक्ल*
*तिथि – अष्टमी 24 मई प्रातः 04:27 तक तत्पश्चात नवमी*
*नक्षत्र – मघा 24 मई रात्रि 02:09 तक तत्पश्चात पूर्वाफाल्गुनी*
*योग – ध्रुव सुबह 06:14 तक तत्पश्चात व्याघात*
*राहुकाल – सुबह 09:00 से सुबह 10:30 तक*
*सूर्योदय – 05:19*
*सूर्यास्त – 06:41*
स्थानीय समयानुसार राहुकाल सूर्यास्त सूर्योदय समय में अंतर सम्भव है।
*दिशाशूल – पूर्व दिशा मे*
*अग्निवास*
08+07+01=16÷4=00 प्रथ्वी लोक में।
*शिववास*
08+08+5=21÷7 =00 श्मशान वासे।
व्रत पर्व विवरण-
विशेष – अष्टमी को नारियल का फल खाने से बुद्धि का नाश होता है (ब्रह्मवैवर्त पुराण ब्रह्म खण्ड: 27,29,34)
ब्रह्म पुराण’ के 118 वें अध्याय में शनिदेव कहते हैं- ‘मेरे दिन अर्थात् शनिवार को जो मनुष्य नियमित रूप से पीपल के वृक्ष का स्पर्श करेंगे, उनके सब कार्य सिद्ध होंगे तथा मुझसे उनको कोई पीड़ा नहीं होगी। जो शनिवार को प्रातःकाल उठकर पीपल के वृक्ष का स्पर्श करेंगे, उन्हें ग्रहजन्य पीड़ा नहीं होगी।’ (ब्रह्म पुराण’)
शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष का दोनों हाथों से स्पर्श करते हुए ‘ॐ नमः शिवाय।’ का 108 बार जप करने से दुःख, कठिनाई एवं ग्रहदोषों का प्रभाव शांत हो जाता है। (ब्रह्म पुराण’)
हर शनिवार को पीपल की जड़ में जल चढ़ाने और दीपक जलाने से अनेक प्रकार के कष्टों का निवारण होता है ।(पद्म पुराण)
*अनिद्रा से छुटकारा*
१० मिनट विधिवत शवासन करने से या जीभ के अग्रभाग को दाँतो से थोडा दबाकर १० मिनट तक ज्ञान मुद्रा लगा के बैठने से शारीरिक – मानसिक तनाव व अनिद्रा आदि की बीमारी दूर होती है |
*तुलसी को क्या न करें*
कोई तुलसी को लाल चुनरी उड़ा देते है | वो शास्त्र ना कहते है | तुलसी पर लाल कपड़ा कभी नहीं पहनना चाहिये | सूर्य उदय के पहले और सूर्यास्त के बाद तुलसी को छूना नहीं चाहिये |
*इनका रखें ध्यान*
दोनों हाथो से सिर नहीं खुजलाना चाहिए | जूठे हाथों से सिर को स्पर्श नहीं करना चाहिए | नहीं तो बुद्धि मंद होती है |
ए जो गलती छुपाता है उसका गिरना चालू रहता है और जो गिरने की बात को भगवान के आगे, गुरु के आगे, अपने नजदीकी सत्संगी, विश्वासपात्र मित्र के आगे बोल के, रोकर पश्चाताप करके रास्ता खोजता है उसको भगवान बचा भी लेते हैं |
26 मई 2026 दिन मंगलवार गंगा दशहरा।
*एकादशी*
27 मई 2026 दिन बुधवार पुरुषोत्तमा एकादशी व्रत सर्वे।
*प्रदोष व्रत*
28 मई 2026 दिन गुरुवार प्रदोष व्रत।
*पूर्णिमा*
30 मई 2026 दिन शनिवार व्रत पूर्णिमा।
31 मई 2026 दिन रविवार स्नान दान पूर्णिमा।
*पंo वेदान्त अवस्थी*



