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आज का पंचांग 12 मई 2026

By Janhit TV

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*~ आज का पञ्चाङ्ग~*
*दिनांक – 12 मई 2026*
*दिन – मंगलवार*
*संवत्सर – रौद्र*
*विक्रम संवत 2083 (गुजरात अनुसार 2082)*
*शक संवत -1948*
*कलि युगाब्द – 5128*
*अयन – उत्तरायण*
*ऋतु – वसंत ॠतु*
*मास – ज्येष्ठ (गुजरात-महाराष्ट्र वैशाख)*
*पक्ष – कृष्ण*
*तिथि – दशमी दोपहर 02:52 तक तत्पश्चात एकादशी*
*नक्षत्र – पूर्वभाद्रपद 13 मई रात्रि 01:17 तक तत्पश्चात उत्तरभाद्रपद*
*योग – वैधृति रात्रि 11:20 तक तत्पश्चात विष्कंभ*
*राहुकाल – शाम 03:00 से शाम 04:30 तक*
*सूर्योदय – 05:25*
*सूर्यास्त – 06:35*
स्थानीय समयानुसार राहुकाल सूर्यास्त सूर्योदय समय में अंतर सम्भव है।
*दिशाशूल – उत्तर दिशा मे*
*अग्निवास*
25+03+01=29÷4=01 स्वर्ग लोक में।
*शिववास*
25+25+5=55÷7 =06 क्रीड़ा याम वासे वासे।
व्रत पर्व विवरण-
विशेष –
*एकादशी व्रत के लाभ*
12 मई 2026 मंगलवार को दोपहर 02:52 से 13 मई, बुधवार को दोपहर 01:29 तक एकादशी है।
विशेष – 13 मई, बुधवार को एकादशी का व्रत (उपवास) रखे।
जो पुण्य सूर्यग्रहण में दान से होता है, उससे कई गुना अधिक पुण्य एकादशी के व्रत से होता है ।
जो पुण्य गौ-दान सुवर्ण-दान, अश्वमेघ यज्ञ से होता है, उससे अधिक पुण्य एकादशी के व्रत से होता है ।
एकादशी करनेवालों के पितर नीच योनि से मुक्त होते हैं और अपने परिवारवालों पर प्रसन्नता बरसाते हैं ।इसलिए यह व्रत करने वालों के घर में सुख-शांति बनी रहती है ।
धन-धान्य, पुत्रादि की वृद्धि होती है ।
कीर्ति बढ़ती है, श्रद्धा-भक्ति बढ़ती है, जिससे जीवन रसमय बनता है ।
परमात्मा की प्रसन्नता प्राप्त होती है ।पूर्वकाल में राजा नहुष, अंबरीष, राजा गाधी आदि जिन्होंने भी एकादशी का व्रत किया, उन्हें इस पृथ्वी का समस्त ऐश्वर्य प्राप्त हुआ ।भगवान शिवजी ने नारद से कहा है : एकादशी का व्रत करने से मनुष्य के सात जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं, इसमे कोई संदेह नहीं है । एकादशी के दिन किये हुए व्रत, गौ-दान आदि का अनंत गुना पुण्य होता है ।
*एकादशी के दिन करने योग्य*
एकादशी को दिया जलाके विष्णु सहस्त्र नाम पढ़ें …….विष्णु सहस्त्र नाम नहीं हो तो १० माला गुरुमंत्र का जप कर लें l अगर घर में झगडे होते हों, तो झगड़े शांत हों जायें ऐसा संकल्प करके विष्णु सहस्त्र नाम पढ़ें तो घर के झगड़े भी शांत होंगे l

*एकादशी के दिन ये सावधानी रहे*
महीने में १५-१५ दिन में एकादशी आती है एकादशी का व्रत पाप और रोगों को स्वाहा कर देता है लेकिन वृद्ध, बालक और बीमार व्यक्ति एकादशी न रख सके तभी भी उनको चावल का तो त्याग करना चाहिए एकादशी के दिन जो चावल खाता है… तो धार्मिक ग्रन्थ से एक- एक चावल एक- एक कीड़ा खाने का पाप लगता है…
26 मई 2026 दिन मंगलवार गंगा दशहरा।
10 मई 2026 दिन रविवार दोपहर 12:13 बजे से 14 मई 2026 दिन गुरुवार रात्रि 10:34 बजे तक।
*एकादशी*
13 मई 2026 दिन बुधवार अपरा एकादशी व्रत सर्वे।
27 मई 2026 दिन बुधवार पुरुषोत्तमा एकादशी व्रत सर्वे।
*प्रदोष व्रत*
14 मई 2026 दिन गुरुवार प्रदोष व्रत।
28 मई 2026 दिन गुरुवार प्रदोष व्रत।
*पूर्णिमा*
30 मई 2026 दिन शनिवार व्रत पूर्णिमा।
31 मई 2026 दिन रविवार स्नान दान पूर्णिमा।
*अमावस्या*
16 मई 2026 दिन शनिवार स्नान दान श्राद्ध वट सावित्री अमावस्या।
*पंo वेदान्त अवस्थी*

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