*~ आज का पञ्चाङ्ग~*
*दिनांक – 15 अप्रैल 2026*
*दिन – बुधवार*
*संवत्सर – रौद्र*
*विक्रम संवत 2083 (गुजरात अनुसार 2082)*
*शक संवत -1948*
*कलि युगाब्द – 5128*
*अयन – उत्तरायण*
*ऋतु – वसंत ॠतु*
*मास – वैशाख (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार चैत्र)*
*पक्ष – कृष्ण*
*तिथि – त्रयोदशी रात्रि 10:31 तक तत्पश्चात चतुर्दशी*
*नक्षत्र – पूर्वभाद्रपद शाम 03:22 तक तत्पश्चात उत्तरभाद्रपद*
*योग – ब्रह्म दोपहर 01:25 तक तत्पश्चात इन्द्र*
*राहुकाल – दोपहर 12:00 से दोपहर 01:30 तक*
*सूर्योदय – 05:42*
*सूर्यास्त – 06:18*
स्थानीय समयानुसार राहुकाल सूर्यास्त सूर्योदय समय में अंतर सम्भव है।
*दिशाशूल – उत्तर दिशा मे*
*अग्निवास*
28+04+01=33÷4=01 स्वर्ग लोक में।
*शिववास*
28+28+5=61÷7 =05 भोजन चैव वासे।
*व्रत पर्व विवरण- प्रदोष व्रत,मासिक शिवरात्रि*
विशेष – त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
*नकारात्मक ऊर्जा मिटाने के लिए*
17 अप्रैल 2026 शुक्रवार को दर्श अमावस्या एवं वैशाख अमावस्या है।
घर में हर अमावस्या अथवा हर १५ दिन में पानी में खड़ा नमक (१ लीटर पानी में ५० ग्राम खड़ा नमक) डालकर पोछा लगायें । इससे नेगेटिव एनेर्जी चली जाएगी । अथवा खड़ा नमक के स्थान पर गौझरण अर्क भी डाल सकते हैं ।
*अमावस्या*
अमावस्या के दिन जो वृक्ष, लता आदि को काटता है अथवा उनका एक पत्ता भी तोड़ता है, उसे ब्रह्महत्या का पाप लगता है (विष्णु पुराण)
*धन-धान्य व सुख-संम्पदा के लिए*
*हर अमावस्या को घर में एक छोटा सा आहुति प्रयोग करें।*
सामग्री : १. काले तिल, २. जौं, ३. चावल, ४. गाय का घी, ५. चंदन पाउडर, ६. गूगल, ७. गुड़, ८. देशी कर्पूर, गौ चंदन या कण्डा।
विधि: गौ चंदन या कण्डे को किसी बर्तन में डालकर हवनकुंड बना लें, फिर उपरोक्त ८ वस्तुओं के मिश्रण से तैयार सामग्री से, घर के सभी सदस्य एकत्रित होकर नीचे दिये गये देवताओं की १-१ आहुति दें।
*आहुति मंत्र*
*१. ॐ कुल देवताभ्यो नमः*
*२. ॐ ग्राम देवताभ्यो नमः*
*३. ॐ ग्रह देवताभ्यो नमः*
*४. ॐ लक्ष्मीपति देवताभ्यो नमः*
*५. ॐ विघ्नविनाशक देवताभ्यो नमः*
19 अप्रैल 2026 दिन रविवार परशुराम जयंती।
20 अप्रैल 2026 दिन सोमवार अक्षय तृतीया।
*पंचक*
12 अप्रैल 2026 दिन रविवार रात्रि 03:45 बजे से 17 अप्रैल 2026 दिन शुक्रवार दोपहर 12:02 बजे तक।
*एकादशी*
27 अप्रैल 2026 दिन सोमवार मोहनी एकादशी।
*प्रदोष व्रत*
29 अप्रैल 2026 दिन बुधवार प्रदोष व्रत।
*पूर्णिमा*
01 मई 2026 दिन शुक्रवार स्नान दान वृत पूर्णिमा।
*अमावस्या*
17 अप्रैल 2026 दिन शुक्रवार देव पितृ कार्य अमावस्या।
*पंo वेदान्त अवस्थी*


