*आज का पञ्चाङ्ग*
*दिनांक – 27 मार्च 2026*
*दिन – शुक्रवार*
*संवत्सर – रौद्र*
*विक्रम संवत 2083*
*शक संवत -1948*
*कलि युगाब्द – 5128*
*अयन – उत्तरायण*
*ऋतु – वसंत ॠतु*
*मास – चैत्र*
*पक्ष – शुक्ल*
*तिथि – नवमी सुबह 10:06 तक तत्पश्चात दशमी*
*नक्षत्र – पुनर्वसु शाम 03:24 तक तत्पश्चात पुष्य*
*योग – अतिगण्ड रात्रि 10:10 तक तत्पश्चात सुकर्मा*
*राहुकाल – सुबह 10:30 से दोपहर 12:00 तक*
*सूर्योदय – 05:56*
*सूर्यास्त – 06:04*
स्थानीय समयानुसार राहुकाल सूर्यास्त सूर्योदय समय में अंतर सम्भव है।
*दिशाशूल – पश्चिम दिशा मे*
*अग्निवास*
09+06+01=16÷4=00 प्रथ्वी लोक में।
*शिववास*
09+09+5=23÷7 =02 गौरी सन्निधौ वासे।
*व्रत पर्व विवरण- दुर्गा नवमी चैत्री-वसंती नवरात्र समाप्त*
विशेष – नवमी को लौकी खाना गोमांस के समान त्याज्य है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
*धर्मराज दशमी*
विष्णु धर्मोत्तर ग्रंथ में बताया है कि जिनके परिवार में ज्यादा बीमारी …..जल्दी-जल्दी किसी की मृत्यु हो जाती है वे लोग शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि के दिन (दशमी तिथि के स्वामी यमराज है मृत्यु के देवता | ) यानी 28 मार्च 2026 शनिवार को भगवान धर्मराज यमराज का मानसिक पूजन कर और हो सके तो घी की आहुति दे |
एक दिन पहले से हवन की छोटी सी व्यवस्था कर लेना घी से आहुति डाले इससे दीर्घायु, आरोग्य और ऐश्वर्य तीनों की वृद्धि होती है विष्णु धर्मोत्तर ग्रंथ में बताया है | आहुति डालते समय ये मंत्र बोले–
[ ध्यान रखे जिसके घर में तकलीफे है वो जरुर आहुति डाले और डालते समय स्वाहा बोले और जो आहुति न डाले तो वो नम: बोले | ]
*ॐ यमाय नम:*
*ॐ धर्मराजाय नम:*
*ॐ मृत्यवे नम:*
*ॐ अन्तकाय नम:*
*ॐ कालाय नम:*
ये पाँच मंत्र बोले ज्यादा देर तक आहुति डाले तो भी अच्छा
*नवरात्रि*
26 मार्च 2026 दिन गुरुवार दुर्गाष्टमी एवं श्री राम नवमी पूजा।
27 मार्च 2026 दिन शुक्रवार नवमी पूजन, हवन एवं कन्या भोज।
28 मार्च 2026 दिन शनिवार श्री धर्मराज दशमी।
*एकादशी*
29 मार्च 2026 दिन रविवार कामदा एकादशी।
*प्रदोष व्रत*
30 मार्च 2026 दिन सोमवार प्रदोष व्रत।
*पूर्णिमा*
01 अप्रैल 2026 दिन बुधवार वृत पूर्णिमा।
02 अप्रैल 2026 दिन गुरुवार स्नान दान पूर्णिमा।
*पंo वेदान्त अवस्थी*
आज का पंचांग 27 मार्च 2026
By Janhit TV
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