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आज का पंचांग 14 मार्च 2026

By Janhit TV

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*आज का पञ्चाङ्ग*
*दिनांक – 14 मार्च 2026*
*दिन – शनिवार*
*संवत्सर – सिद्धार्थ*
*विक्रम संवत 2082*
*शक संवत -1947*
*कलि युगाब्द – 5127*
*अयन – उत्तरायण*
*ऋतु – शिशिर ॠतु*
*मास – चैत्र*
*पक्ष – कृष्ण*
*तिथि – दशमी सुबह 08:10 तक तत्पश्चात एकादशी*
*नक्षत्र – उत्तराषाढा 15 मार्च प्रातः 04:49 तक तत्पश्चात श्रवण*
*योग – वरीयान सुबह 10:43 तक तत्पश्चात परिघ*
*राहुकाल – सुबह 09:00 से सुबह 10:30 तक*
*सूर्योदय – 06:07*
*सूर्यास्त – 05:53*
स्थानीय समयानुसार राहुकाल सूर्यास्त सूर्योदय समय में अंतर सम्भव है।
*दिशाशूल – पूर्व दिशा मे*
*अग्निवास
25+07+01=33÷4=01 स्वर्ग लोक में।
*शिववास*
25+25+5=55÷7 =06 क्रीड़ा याम वासे।
व्रत पर्व विवरण-
विशेष – ब्रह्म पुराण’ के 118 वें अध्याय में शनिदेव कहते हैं- ‘मेरे दिन अर्थात् शनिवार को जो मनुष्य नियमित रूप से पीपल के वृक्ष का स्पर्श करेंगे, उनके सब कार्य सिद्ध होंगे तथा मुझसे उनको कोई पीड़ा नहीं होगी। जो शनिवार को प्रातःकाल उठकर पीपल के वृक्ष का स्पर्श करेंगे, उन्हें ग्रहजन्य पीड़ा नहीं होगी।’ (ब्रह्म पुराण’)
शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष का दोनों हाथों से स्पर्श करते हुए ‘ॐ नमः शिवाय।’ का 108 बार जप करने से दुःख, कठिनाई एवं ग्रहदोषों का प्रभाव शांत हो जाता है। (ब्रह्म पुराण’)
हर शनिवार को पीपल की जड़ में जल चढ़ाने और दीपक जलाने से अनेक प्रकार के कष्टों का निवारण होता है ।(पद्म पुराण)
*षडशीति-मीन संक्रान्ती*
*15 मार्च 2026 रविवार को षडशीति संक्रान्ती है ।*
*पुण्यकाल : सूर्योदय से दोपहर 12:36 तक… जप,तप,ध्यान और सेवा का पूण्य 86000 गुना है !!!*
इस दिन करोड़ काम छोड़कर अधिक से अधिक समय जप – ध्यान, प्रार्थना में लगायें।
षडशीति संक्रांति में किये गए जप ध्यान का फल ८६००० गुना होता है – (पद्म पुराण )

*पापमोचनी एकादशी*
14 मार्च 2026 शनिवार को सुबह 08:10 से 15 मार्च, रविवार को सुबह 09:16 तक एकादशी है।
विशेष – 15 मार्च, रविवार को एकादशी का व्रत (उपवास) रखे।
जो श्रेष्ठ मनुष्य ‘पापमोचनी एकादशी’ का व्रत करते हैं उनके सारे पाप नष्ट हो जाते हैं । इसको पढ़ने और सुनने से सहस्र गौदान का फल मिलता है । ब्रह्महत्या, सुवर्ण की चोरी, सुरापान और गुरुपत्नीगमन करनेवाले महापातकी भी इस व्रत को करने से पापमुक्त हो जाते हैं । यह व्रत बहुत पुण्यमय है ।
*नवरात्रि*
19 मार्च 2026 दिन गुरुवार सुबह 06:54 बजे से प्रतिपदा प्रारंभ।
06:53 बजे से 08:17 बजे तक शुभ, दिवा 11:16 बजे से 12:46 बजे तक चंचल वेला, दिवा 12:46 बजे से 03:46 बजे तक लाभ अमृत वेला में पूजन एवं घट स्थापना करना शुभ रहेगा।
26 मार्च 2026 दिन गुरुवार दुर्गाष्टमी एवं श्री राम नवमी पूजा।
27 मार्च 2026 दिन शुक्रवार नवमी पूजन, हवन एवं कन्या भोज।
28 मार्च 2026 दिन शनिवार श्री धर्मराज दशमी।
*पंचक*
16 मार्च 2026 दिन सोमवार शाम 06:14 बजे से 20 मार्च 2026 दिन शुक्रवार रात्रि 02:28 बजे तक।
*एकादशी*
15 मार्च 2026 दिन रविवार पापमोचनी एकादशी।
29 मार्च 2026 दिन रविवार कामदा एकादशी।
*प्रदोष व्रत*
16 मार्च 2026 दिन सोमवार प्रदोष व्रत।
30 मार्च 2026 दिन सोमवार प्रदोष व्रत।
*पूर्णिमा*
01 अप्रैल 2026 दिन बुधवार वृत पूर्णिमा।
02 अप्रैल 2026 दिन गुरुवार स्नान दान पूर्णिमा।
*अमावस्या*
18 मार्च 2026 दिन बुधवार पितृ कार्य अमावस्या।
19 मार्च 2026 दिन गुरुवार स्नान दान अमावस्या।
*पंo वेदान्त अवस्थी*

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