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आज का पंचांग 4 जनवरी 2026

By Janhit TV

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~ आज का पञ्चाङ्ग ~
*दिनांक – 04 जनवरी 2026*
*दिन – रविवार*
*संवत्सर – सिद्धार्थ*
*विक्रम संवत 2082*
*शक संवत -1947*
*कलि युगाब्द – 5127*
*अयन – दक्षिणायन*
*ऋतु – हेमन्त ॠतु*
*मास – माघ*
*पक्ष – कृष्ण*
*तिथि – प्रतिपदा दोपहर 12:29 तक तत्पश्चात द्वितीया*
*नक्षत्र – आर्द्रा शाम 03:11 तक तत्पश्चात पुष्य*
*योग – वैधृति 05 जनवरी रात्रि 01:47 तक तत्पश्चात विष्कंभ*
*राहुकाल – शाम 04:30 से शाम 06:00 तक*
*सूर्योदय – 06:46*
*सूर्यास्त – 05:14*
स्थानीय समयानुसार राहुकाल सूर्यास्त सूर्योदय समय में अंतर सम्भव है।
*दिशाशूल – पश्चिम दिशा मे*
*अग्निवास*
16+01+01=18÷4=02 पाताल लोक में।
*शिववास*
16+16+5=37÷7 =02 गौरी सन्निधौ वासे।
व्रत पर्व विवरण – रविपुष्य योग (दोपहर 03:11 से 05 जनवरी सूर्योदय तक)
विशेष – प्रतिपदा को कूष्माण्ड (कुम्हड़ा पेठा) न खाएं क्योकि यह धन का नाश करने वाला है (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)
रविवार के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)
रविवार के दिन मसूर की दाल, अदरक और लाल रंग का साग नहीं खाना चाहिए।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75.90)
रविवार के दिन काँसे के पात्र में भोजन नहीं करना चाहिए।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75)
स्कंद पुराण के अनुसार रविवार के दिन बिल्ववृक्ष का पूजन करना चाहिए। इससे ब्रह्महत्या आदि महापाप भी नष्ट हो जाते हैं।
*कोई कष्ट हो तो*
06 जनवरी 2026 मंगलवार को संकष्ट चतुर्थी (चन्द्रोदय रात्रि 09:07)
हमारे जीवन में बहुत समस्याएँ आती रहती हैं, मिटती नहीं हैं ।, कभी कोई कष्ट, कभी कोई समस्या | ऐसे लोग शिवपुराण में बताया हुआ एक प्रयोग कर सकते हैं कि, कृष्ण पक्ष की चतुर्थी (मतलब पुर्णिमा के बाद की चतुर्थी ) आती है | उस दिन सुबह छः मंत्र बोलते हुये गणपतिजी को प्रणाम करें कि हमारे घर में ये बार-बार कष्ट और समस्याएं आ रही हैं वो नष्ट हों |
*छः मंत्र इस प्रकार हैं –*
*ॐ सुमुखाय नम:* : सुंदर मुख वाले; हमारे मुख पर भी सच्ची भक्ति प्रदान सुंदरता रहे ।
*ॐ दुर्मुखाय नम:* : मतलब भक्त को जब कोई आसुरी प्रवृत्ति वाला सताता है तो… भैरव देख दुष्ट घबराये ।
*ॐ मोदाय नम:* : मुदित रहने वाले, प्रसन्न रहने वाले । उनका सुमिरन करने वाले भी प्रसन्न हो जायें ।
*ॐ प्रमोदाय नम:* : प्रमोदाय; दूसरों को भी आनंदित करते हैं । भक्त भी प्रमोदी होता है और अभक्त प्रमादी होता है, आलसी । आलसी आदमी को लक्ष्मी छोड़ कर चली जाती है । और जो प्रमादी न हो, लक्ष्मी स्थायी होती है ।
*ॐ अविघ्नाय नम:*
*ॐ विघ्नकरत्र्येय नम:*

*मंगलवारी चतुर्थी*
06 जनवरी 2026 मंगलवार को सुबह 08:01 से 07 जनवरी सुबह 06:52 तक अंगारकी-मंगलवारी चतुर्थी है।
अंगार चतुर्थी को सब काम छोड़ कर जप-ध्यान करना …जप, ध्यान, तप सूर्य-ग्रहण जितना फलदायी है…
> बिना नमक का भोजन करें
> मंगल देव का मानसिक आह्वान करो
> चन्द्रमा में गणपति की भावना करके अर्घ्य दें
💵 कितना भी कर्ज़दार हो ..काम धंधे से बेरोजगार हो ..रोज़ी रोटी तो मिलेगी और कर्जे से छुटकारा मिलेगा |
06 जनवरी 2026 दिन मंगलवार संकष्टी चतुर्थी।
23 जनवरी 2026 दिन शुक्रवार वसंत पंचमी।
*पंचक*
20 जनवरी 2026 दिन मंगलवार मध्य रात्रि 01:25 बजे से 25 जनवरी 2026 दिन रविवार दोपहर 01:36 बजे तक।
*एकादशी*
14 जनवरी 2026 दिन बुधवार षट्तिला एकादशी वृत सर्वे।
29 जनवरी 2026 दिन गुरुवार जया एकादशी वृत सर्वे।
*प्रदोष व्रत*
16 जनवरी 2026 दिन गुरुवार प्रदोष व्रत मासिक शिवरात्रि।
30 जनवरी 2026 दिन शुक्रवार प्रदोष व्रत ।
*पूर्णिमा*
01 फरवरी 2026 दिन रविवार स्नान दान वृत माघ पूर्णिमा।
*अमावस्या*
18 जनवरी 2026 दिन रविवार स्नान दान श्राद्ध मौनी माघी अमावस्या।
*पंo वेदान्त अवस्थी*

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