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आज का पंचांग 2 जनवरी 2026

By Janhit TV

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*~ आज का पञ्चाङ्ग~*
*दिनांक – 02 जनवरी 2026*
*दिन – शुक्रवार*
*संवत्सर – सिद्धार्थ*
*विक्रम संवत 2082*
*शक संवत -1947*
*कलि युगाब्द – 5127*
*अयन – दक्षिणायन*
*ऋतु – हेमन्त ॠतु*
*मास – पौष*
*पक्ष – शुक्ल*
*तिथि – चतुर्दशी शाम 06:53 तक तत्पश्चात पूर्णिमा*
*नक्षत्र – मृगशिरा रात्रि 08:04 तक तत्पश्चात आर्द्रा*
*योग – शुक्ल दोपहर 01:07 तक तत्पश्चात ब्रह्म*
*राहुकाल – सुबह 10:30 से दोपहर 12:00 तक*
*सूर्योदय – 06:46*
*सूर्यास्त – 05:14*
स्थानीय समयानुसार राहुकाल सूर्यास्त सूर्योदय समय में अंतर सम्भव है।
*दिशाशूल – पश्चिम दिशा मे*
*अग्निवास*
14+06+01=21÷4=01 स्वर्ग लोक में।
*शिववास*
14+14+5=33÷7 =05 भोजन चैव वासे।
व्रत पर्व विवरण-
विशेष – चतुर्दशी व पूर्णिमा एवं व्रत के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)
*सर्वफलप्रदायक माघ मास व्रत*
*03 जनवरी से लेकर 01 फरवरी तक माघ स्नान |*
*पुण्यदायी स्नान सुधारे स्वभाव*
माघ मास में प्रात:स्नान (ब्राम्हमुहूर्त में स्नान) सब कुछ देता है | आयुष्य लम्बा करता है, अकाल मृत्यु से रक्षा करता है, आरोग्य, रूप, बल, सौभाग्य व सदाचरण देता है | जो बच्चे सदाचरण के मार्ग से हट गये हैं उनको भी पुचकारके, इनाम देकर भी प्रात:स्नान कराओ तो उन्हें समझाने से, मारने-पीटने से या और कुछ करने से वे उतना नहीं सुधर सकते हैं, घर से निकाल देने से भी इतना नहीं सुधरेंगे जितना माघ मास में सुबह का स्नान करने से वे सुधरेंगे |
तो माघ स्नान से सदाचार, संतानवृद्धि, सत्संग, सत्य आचरण उदारभाव आदि का प्राकट्य होता है | व्यक्ति की सुंदरता माने समझ उत्तम गुणों से सम्पन्न हो जाती है | उसकी दरिद्रता और पाप दूर हो जाते हैं | दुर्भाग्य का कीचड़ सूख जाता है | माघ मास में सत्संग-प्रात:स्नान जिसने किया, उसके लिए नरक का डर सदा के लिए खत्म हो जाता है | मरने के बाद वह नरक में नहीं जायेगा | माघ मास के प्रात:स्नान से वृत्तियाँ निर्मल होती हैं, विचार ऊँचे होते हैं | समस्त पापों से मुक्ति होती है | ईश्वरप्राप्ति नहीं करनी हो तब भी माघ मास का सत्संग और पुण्यस्नान स्वर्गलोक तो सहज में ही तुम्हारा पक्का करा देता है | माघ मास का पुण्यस्नान यत्नपूर्वक करना चाहिए |
यत्नपूर्वक माघ मास के प्रात:स्नान से विद्या निर्मल होती है | मलिन विद्या क्या है ? पढ़-लिखके दूसरों को ठगो, दारु पियो, क्लबों में जाओ, बॉयफ्रेंड – गर्लफ्रेंड करो – यह मलिन विद्या है | लेकिन निर्मल विद्या होगी तो इस पापाचरण में रूचि नहीं होगी | माघ के प्रात:स्नान से निर्मल विद्या व कीर्ति मिलती है | ‘अक्षय धन’ की प्राप्ति होती है | रूपये – पैसे तो छोड़के मरना पड़ता है | दूसरा होता है ‘अक्षय धन’, जो धन कभी नष्ट न हो उसकी भी प्राप्ति होती है समस्त पापों से मुक्ति और इन्द्रलोक अर्थात स्वर्गलोक की प्राप्ति सहज में हो जाती है |
‘पद्म पुराण’ में भगवान राम के गुरुदेव वसिष्ठजी कहते हैं कि ‘वैशाख में जलदान. अन्नदान उत्तम माना जाता है और कार्तिक में तपस्या, पूजा लेकिन माघ में जप, होम और दान उत्तम माना गया है |’
06 जनवरी 2026 दिन मंगलवार संकष्टी चतुर्थी।
23 जनवरी 2026 दिन शुक्रवार वसंत पंचमी।
*पंचक*
20 जनवरी 2026 दिन मंगलवार मध्य रात्रि 01:25 बजे से 25 जनवरी 2026 दिन रविवार दोपहर 01:36 बजे तक।
*एकादशी*
14 जनवरी 2026 दिन बुधवार षट्तिला एकादशी वृत सर्वे।
29 जनवरी 2026 दिन गुरुवार जया एकादशी वृत सर्वे।
*प्रदोष व्रत*
16 जनवरी 2026 दिन गुरुवार प्रदोष व्रत मासिक शिवरात्रि।
30 जनवरी 2026 दिन शुक्रवार प्रदोष व्रत ।
*पूर्णिमा*
02 जनवरी 2026 दिन शुक्रवार वृत पूर्णिमा।
03 जनवरी 2026 दिन शनिवार स्नान दान पूर्णिमा।
01 फरवरी 2026 दिन रविवार स्नान दान वृत माघ पूर्णिमा।
*अमावस्या*
18 जनवरी 2026 दिन रविवार स्नान दान श्राद्ध मौनी माघी अमावस्या।
*पंo वेदान्त अवस्थी*

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