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आज का पंचांग 2 दिसंबर 2025

By Janhit TV

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*~ आज का पञ्चाङ्ग~*
*दिनांक – 02 दिसम्बर 2025*
*दिन – मंगलवार*
*संवत्सर – सिद्धार्थ*
*विक्रम संवत 2082*
*शक संवत -1947*
*कलि युगाब्द – 5127*
*अयन – दक्षिणायन*
*ऋतु – हेमंत ॠतु*
*मास – मार्गशीर्ष*
*पक्ष – शुक्ल*
*तिथि – द्वादशी शाम 03:57 तक तत्पश्चात त्रयोदशी*
*नक्षत्र – अश्विनी रात्रि 08:51 तक तत्पश्चात भरणी*
*योग – वरीयान रात्रि 09:08 तक तत्पश्चात परिघ*
*राहुकाल – शाम 03:00 से शाम 04:30 तक*
*सूर्योदय – 06:44*
*सूर्यास्त – 05:16*
स्थानीय समयानुसार राहुकाल सूर्यास्त सूर्योदय समय में अंतर सम्भव है।
*दिशाशूल – उत्तर दिशा मे*
*अग्निवास*
12+03+01=16÷4=00 प्रथ्वी लोक में।
*शिववास*
12+12+5=29÷7 =01 कैलाश वासे।
*व्रत पर्व विवरण- अखंड द्वादशी,भौमप्रदोष व्रत*
विशेष – द्वादशी को पूतिका(पोई) अथवा त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

*मार्गशीर्ष शुक्ल द्वादशी*
*02 दिसंबर 2025 मंगलवार को मार्गशीर्ष शुक्ल द्वादशी है ।*
वराहपुराण के अनुसार जो पुरुष नियमपूर्वक रहकर कार्तिक, मार्गशीर्ष एवं बैशाख महीनों की द्वादशी तिथियों के दिन खिले हुए पुष्पों की वनमाला तथा चन्दन आदि को मुझ पर चढ़ाता है, उसने मानो बारह वर्षों तक मेरी पूजा कर ली।
वराहपुराण के अनुसार मार्गशीर्ष मास में चन्दन एवं कमल के पुष्प को एक साथ मिलाकर जो भगवान विष्णु को अर्पण करता है, उसे महान फल प्राप्त होता है।
अग्निपुराण के अनुसार मार्गशीर्ष के शुक्लपक्ष की द्वादशी को श्रीकृष्ण का पूजन करके जो मनुष्य लवण का दान करता हैं, वह सम्पूर्ण रसों के दान का फल प्राप्त करता हैं |
*महाभारत अनुशासनपर्व*
*द्वादश्यां मार्गशीर्षे तु अहोरात्रेण केशवम्।*
*अर्च्याश्वमेधं प्राप्नोति दुष्कृतं चास्य नश्यति।।*
जो मार्गशीर्ष की द्वादशी को दिन-रात उपवास करके ‘केशव’ नाम से मेरी पूजा करता है, उसे अश्‍वमेघ-यज्ञ का फल मिलता है।
स्कन्दपुराण के अनुसार मार्गशीर्ष मास में श्रीभगवान विष्णु को, उनके अन्य स्वरुप को स्नान कराने का विशेष महत्व है विशेषतः द्वादशी को । इस दिन श्रीकृष्ण को शंख के द्वारा दूध से स्नान कराएं।
*आर्थिक परेशानीया कर्जा हो तो*
*02 दिसंबर 2025 मंगलवार को भौम प्रदोष योग है ।*
किसी को आर्थिक परेशानी या कर्जा हो तो भौम प्रदोष योग हो, उस दिन शाम को सूर्य अस्त के समय घर के आसपास कोई शिवजी का मंदिर हो तो जाए और ५ बत्ती वाला दीपक जलाये और थोड़ी देर जप करें :
*ये मंत्र बोले :–*
*ॐ भौमाय नमः*
*ॐ मंगलाय नमः*
*ॐ भुजाय नमः*
*ॐ रुन्ह्र्ताय नमः*
*ॐ भूमिपुत्राय नमः*
*ॐ अंगारकाय नमः*
*और हर मंगलवार को ये मंगल की स्तुति करें:-*
*धरणी गर्भ संभूतं विद्युत् कांति समप्रभम |*
*कुमारं शक्ति हस्तं तं मंगलम प्रणमाम्यहम ||*
*पंचक*
27 नवम्बर 2025 दिन गुरुवार दोपहर 02:07 बजे से 01 दिसम्बर 2025 दिन सोमवार रात्रि 11:18 बजे तक।
*प्रदोष व्रत*
02 दिसम्बर 2025 दिन मंगलवार प्रदोष व्रत।
*पूर्णिमा*
04 दिसम्बर 2025 दिन गुरुवार स्नान दान वृत पूर्णिमा।
*पंo वेदान्त अवस्थी*

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