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आज का पंचांग 14 अक्टूबर 2025

By Janhit TV

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*~आज का पञ्चाङ्ग ~*
*दिनांक – 14 अक्टूबर 2025*
*दिन – मंगलवार*
*संवत्सर – सिद्धार्थ*
*विक्रम संवत 2082*
*शक संवत -1947*
*कलि युगाब्द – 5127*
*अयन – दक्षिणायन*
*ऋतु – शरद ॠतु*
*मास – कार्तिक*
*पक्ष – कृष्ण*
*तिथि – अष्टमी सुबह 11:09 तक तत्पश्चात नवमी*
*नक्षत्र – पुनर्वसु सुबह 11:54 तक तत्पश्चात पुष्य*
*योग – सिद्ध 15 अक्टूबर प्रातः 04:11 तक तत्पश्चात साध्य*
*राहुकाल – शाम 03:00 से शाम 04:30 तक*
*सूर्योदय – 06:15*
*सूर्यास्त – 05:45*
स्थानीय समयानुसार राहुकाल सूर्यास्त सूर्योदय समय में अंतर सम्भव है।
*दिशाशूल – उत्तर दिशा मे*
*अग्निवास*
23+03+01=27÷4=03 प्रथ्वी लोक में।
*शिववास*
23+23+5=51÷7 =02 गौरी सन्निधौ वासे।
व्रत पर्व विवरण –
विशेष – अष्टमी को नारियल का फल खाने से बुद्धि का नाश होता है (ब्रह्मवैवर्त पुराण ब्रह्म खण्ड: 27,29,34)

*धनतेरस के दिन दीपदान*
*पहले बताई विधि के अनुसार यमदीपदान करें।*
निर्धनता दूर करने के लिए अपने पूजाघर में धनतेरस की शाम को अखंड दीपक जलाना चाहिए जो दीपावली की रात तक जरूर जलता रहे . अगर दीपक भैयादूज तक अखंड जलता रहे तो घर के सारे वास्तु दोष भी समाप्त हो जाते हैं।
घर के ईशान कोण में गाय के घी का दीपक लगाएं। बत्ती में रुई के स्थान पर लाल रंग के धागे का उपयोग करें साथ ही दिए में थोड़ी सी केसर भी डाल दें।
घर के तेल का दीपक प्रज्वलित करें तथा उसमें दो काली गुंजा डाल दें, गन्धादि से पूजन करके अपने घर के मुख्य द्वार पर अन्न की ढ़ेरी पर रख दें। साल भर आर्थिक अनुकूलता बनी रहेगी। स्मरण रहे वह दीप रातभर जलते रहना चाहिये, बुझना नहीं चाहिये ।
*दीपावली पर लक्ष्मी प्राप्ति की साधना-विधियाँ*
*18 अक्टूबर 2025 शनिवार को धनतेरस है ।*
*धनतेरस से आरम्भ करें*
*सामग्री:*
*दक्षिणावर्ती शंख, केसर, गंगाजल का पात्र,धूप , अगरबत्ती, दीपक, लाल वस्त्र l*
विधि: साधक अपने सामने गुरुदेव व लक्ष्मीजी के फोटो रखें तथा उनके सामने लाल रंग का वस्त्र बिछाकर उस पर दक्षिणावर्ती शंख रख दें l उस पर केसर से सतिया बना लें तथा कुम कुम से तिलक कर दें l
बाद में स्फटिक की माला से निम्न मंत्र की ७ मालाएँ करें l तीन दिन तक ऐसा करने योग्य है l इतने से ही मंत्र-साधना सिद्ध हो जाती है l मंत्रजाप पूरा होने के पश्चात् लाल वस्त्र में शंख को बांधकर घर में रख दें l
कहते हैं- जब तक वह शंख घर में रहेगा, तब तक घर में निरंतर उन्नति होती रहेगी l *मंत्र : ॐ ह्रीं ह्रीं ह्रीं महालक्ष्मी धनदा लक्ष्मी कुबेराय मम गृहे स्थिरो ह्रीं ॐ नमः l*
18 अक्टूबर 2025 दिन शनिवार धनतेरस।
19 अक्टूबर 2025 दिन रविवार नरक चतुर्दशी।
20 अक्टूबर 2025 दिन सोमवार शुभ दीपावली।
*पंचक*
31 अक्टूबर 2025 दिन शुक्रवार सुबह 06:48 बजे से 04 नवम्बर 2025 दिन मंगलवार दोपहर 12:35 बजे तक।
*एकादशी*
17 अक्टूबर 2025 दिन शुक्रवार रमा एकादशी व्रत सर्वे।
01 नवम्बर 2025 दिन शनिवार देव प्रबोधिनी (देव उठनी )एकादशी।
*प्रदोष*
18 अक्टूबर 2025 दिन शनिवार प्रदोष व्रत (मासिक शिव रात्रि)।
03 नवम्बर 2025 दिन सोमवार प्रदोष व्रत।
*पूर्णिमा*
05 नवम्बर 2025 दिन बुधवार स्नान दान वृत पूर्णिमा।
*अमावस्या*
20 अक्टूबर 2025 दिन सोमवार प्रदोष व्यापिनी अमावस्या ( शुभ दीपावली)।
21 अक्टूबर 2025 दिन मंगलवार स्नान दान अमावस्या।
*पंo वेदान्त अवस्थी*

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