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आज का पंचांग 9 सितंबर 2025

By Janhit TV

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आज का पञ्चाङ्ग ~

*दिनांक – 09 सितम्बर 2025*
*दिन – मंगलवार*
*संवत्सर – सिद्धार्थ*
*विक्रम संवत 2082*
*शक संवत -1947*
*अयन – दक्षिणायन*
*कलि युगाब्द – 5127*
*ऋतु – वर्षा ॠतु*
*मास – आश्विन*
*पक्ष – कृष्ण*
*तिथि – द्वितीया शाम 06:28 तक तत्पश्चात तृतीया*
*नक्षत्र – उत्तरभाद्रपद शाम 06:07 तक तत्पश्चात रेवती*
*योग – गण्ड रात्रि 11:59 तक तत्पश्चात वृद्धि*
*राहुकाल – शाम 03:42 से शाम 05:14 तक*
*सूर्योदय – 05:41*
*सूर्यास्त – 06:19*
स्थानीय समयानुसार राहुकाल सूर्यास्त सूर्योदय समय में अंतर सम्भव है।
*दिशाशूल – उत्तर दिशा मे*
*अग्निवास*
17+03+01=21÷4=01 स्वर्ग लोक में।
*शिववास*
17+17+5=39÷7 =04 सभायाम वासे।
*व्रत पर्व विवरण – द्वितीया का श्राद्ध,पंचक*
विशेष – द्वितीया को बृहती (छोटा बैगन या कटेहरी) खाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
*श्राद्ध के दिन*
जिस दिन आप के घर में श्राद्ध हो उस दिन गीता का सातवें अध्याय का पाठ करें । पाठ करते समय जल भर के रखें । पाठ पूरा हो तो जल सूर्य भगवन को अर्घ्य दें और कहें की हमारे पितृ के लिए हम अर्पण करते हें। जिनका श्राद्ध है , उनके लिए आज का गीता पाठ अर्पण।

*श्राद्ध कर्म*
अगर पंडित से श्राद्ध नहीं करा पाते तो सूर्य नारायण के आगे अपने बगल खुले करके (दोनों हाथ ऊपर करके) बोलें :
“हे सूर्य नारायण ! मेरे पिता (नाम), अमुक (नाम) का बेटा, अमुक जाति (नाम), (अगर जाति, कुल, गोत्र नहीं याद तो ब्रह्म गोत्र बोल दे) को आप संतुष्ट/सुखी रखें । इस निमित मैं आपको अर्घ्य व भोजन कराता हूँ ।” ऐसा करके आप सूर्य भगवान को अर्घ्य दें और भोग लगायें ।

*तुलसी*
श्राद्ध और यज्ञ आदि कार्यों में तुलसी का एक पत्ता भी महान पुण्य देनेवाला है |
*श्राद्ध में करने योग्य*
श्राद्ध पक्ष में १ माला रोज द्वादश मंत्र ” ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ” की करनी चाहिए और उस माला का फल नित्य अपने पितृ को अर्पण करना चाहिए।
*पंचक*
06 सितम्बर 2025 दिन शनिवार दोपहर 11:21 बजे से 10 सितम्बर 2025 दिन साय 04:03 बजे तक।
*पंo वेदान्त अवस्थी*

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