आज का पञ्चाङ्ग~
*दिनांक – 01 सितम्बर 2025*
*दिन – सोमवार*
*संवत्सर – सिद्धार्थ*
*विक्रम संवत 2082*
*शक संवत -1947*
*कलि युगाब्द – 5127*
*अयन – दक्षिणायन*
*ऋतु – वर्षा ॠतु*
*मास – भाद्रपद*
*पक्ष – शुक्ल*
*तिथि – नवमी 02 सितम्बर रात्रि 02:43 तक तत्पश्चात दशमी*
*नक्षत्र – ज्येष्ठा शाम 07:55 तक तत्पश्चात मूल*
*योग – विष्कंभ शाम 04:32 तक तत्पश्चात प्रीति*
*राहुकाल – सुबह 07:56 से सुबह 09:30 तक*
*सूर्योदय – 05:44*
*सूर्यास्त – 06:16*
स्थानीय समयानुसार राहुकाल सूर्यास्त सूर्योदय समय में अंतर सम्भव है।
*दिशाशूल – पूर्व दिशा मे*
*अग्निवास*
09+02+01=12÷4=00 प्रथ्वी लोक में।
*शिववास*
09+09+5=23÷7 =02 गौरी सन्निधौ वासे।
*व्रत पर्व विवरण – गौरी पूजन*
विशेष – नवमी को लौकी खाना गोमांस के समान त्याज्य है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
*भगवान श्रीगणेश*
27 अगस्त से दस दिवसीय गणेशोत्सव प्रारंभ हो चुका है। इन दस दिनों में गणेशजी की पूजा-अर्चना करने का विशेष महत्व होता है। श्रीगणेश अंक में भगवान गणेश के 12 नामों का वर्णन किया गया हैं, जिनको बोलकर श्रीगणेश की पूजा करने से मनुष्य के सभी दुखों का नाश हो जाता है और उसकी सभी इच्छा पूरी होती हैं।
ये 12 नाम बोलकर करें श्रीगणेश की पूजा, हर काम में मिलेगा किस्मत का साथ
*श्लोक-*
*प्रथमं वक्रतुण्ड च एकदन्तं द्वितीयकम्, तृतीयं कृष्णपिड्गाक्षं गजवक्त्रं चतुर्थकम्।।*
*लम्बोदरं पंचमं च षष्ठं विकटमेव च, सप्तमं विघ्नराजेन्द्रं धूम्रवर्ण तथाष्टमम्।।*
*नवमं भालचन्द्रं च दशमं तु विनायकम्, एकादशं गणपतिं द्वादर्श तु गजाननम्।।*
*द्वादशैतानि नामानि त्रिसंध्यं यः पठेन्नरः, न च विध्नभयं तस्य सर्वसिद्धिकरं परम्।।*
*श्लोक का अर्थ-*
पहला नाम है वक्रतुण्ड, दूसरा एकदन्त, तीसरा कृष्णपिड्गाक्ष, चौथा गजवक्त्र, पांचवां लम्बोदर, छठा विकट, सातवां विघ्नराजेन्द्र, आठवां धूमवर्ण, नौवां भालचन्द्र, दसवां विनायक, ग्यारहवां गणपति और बारहवां नाम गजाजन है। जो मनुष्य प्रतिदिन भगवान गणेश के इन बारह नामों का जप करता है, उसके सभी विघ्न (परेशानियां) खत्म हो जाती हैं।
*इन 12 नामों का पाठ करने से मिलते हैं कौन-से लाभ-*
*श्लोक-*
*विद्यार्थी लभते विद्यां, धनार्थी लभते धनम्।*
*पुत्रार्थी लभते पुत्रान्, मोक्षार्थी लभते गतिम्।।*
अर्थात- भगवान गणेश के इन बारह नामों का पाठ करने से विद्या चाहने वाले को विद्या, धन चाहने वाले को धन, पुत्र चाहने वाले को पुत्र और मोक्ष की इच्छा रखने वाले को मोक्ष की प्राप्ति होती है।
1. *विद्या की प्राप्ति*
भगवान गणेश को बुद्धि का देवता माना जाता है। अच्छी बुद्धि और विद्या के लिए श्रीगणेश की पूजा-अर्चना की जाती है। श्रीगणेश-अंक के अनुसार, जिस भी मनुष्य को अच्छी विद्या पाने की इच्छा हो, उसे भगवान गणेश के इन 12 नामों का पाठ करना चाहिए। नियमित रूप से इनका जप करने से भगवान गणेश की कृपा हमेशा बनी रहती है और मनुष्य की हर मनोकामना पूरी होती है।
2. *धन की प्राप्ति*
भगवान गणेश को सुख और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। जिस भी मनुष्य को धन-संपत्ति पाने की इच्छा हो, उसे पूरी श्रद्धा के साथ भगवान गणेश के इन बारह नामों का पाठ करना चाहिए। ऐसा करने से घर से दरिद्रता कम होती है और धन-धान्य में वृद्धि होती है।
3. *संतान की प्राप्ति*
भगवान गणेश के इन बारह नामों को चमत्कारी माना जाता है। इनके जप से मनुष्य की हर मनोकामना जरूर ही पूरी होती है। संतान चाहने वाले दंपत्ति को रोज सुबह और शाम इनका पाठ करना चाहिए। ऐसा करने से उनकी संतान पाने की इच्छा पूरी होती है।
4. *मोक्ष की प्राप्ति*
भगवान गणेश प्रथम पूज्य माने जाते है। किसी भी काम की शुरुवात में सबसे पहले उनका पूजन किया जाता है। भगवान गणेश की आराधना करने से मनुष्य को अपने पापों से मुक्ति मिलती हैं और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। भगवान गणेश के इन बारह नामों का पाठ करने से मनुष्य को धरती पर ही स्वर्ग के समान सुख मिलते है।
*पंचक*
06 सितम्बर 2025 दिन शनिवार दोपहर 11:21 बजे से 10 सितम्बर 2025 दिन साय 04:03 बजे तक।
*एकादशी*
03 सितम्बर 2025 बुधवार पद्मा(कर्मा)एकादशी व्रत गृहस्थ।
04 सितम्बर 2025 दिन गुरुवार पद्मा(कर्मा)एकादशी वृत वैष्णव।
*प्रदोष*
05 सितम्बर 2025 दिन शुक्रवार प्रदोष व्रत।
*पूर्णिमा*
06 सितम्बर 2025 दिन शनिवार अनंत चतुर्दशी।
07 सितम्बर 2025 दिन रविवार स्नान दान वृत पूर्णिमा। श्राद्ध प्रारंभ।
*पंo वेदान्त अवस्थी*



