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आज का पंचांग 15 मार्च 2026

By Janhit TV

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*आज का पञ्चाङ्ग*
*दिनांक – 15 मार्च 2026*
*दिन – रविवार*
*संवत्सर – सिद्धार्थ*
*विक्रम संवत 2082*
*शक संवत -1947*
*कलि युगाब्द – 5127*
*अयन – उत्तरायण*
*ऋतु – वसंत ॠतु*
*मास – चैत्र*
*पक्ष – कृष्ण*
*तिथि – एकादशी सुबह 09:16 तक तत्पश्चात द्वादशी*
*नक्षत्र – श्रवण 16 मार्च प्रातः 05:56 तक तत्पश्चात धनिष्ठा*
*योग – परिघ सुबह 10:25 तक तत्पश्चात शिव*
*राहुकाल – शाम 04:30 से शाम 06:00 तक*
*सूर्योदय – 06:07*
*सूर्यास्त – 05:53*
स्थानीय समयानुसार राहुकाल सूर्यास्त सूर्योदय समय में अंतर सम्भव है।
*दिशाशूल – पश्चिम दिशा मे*
*अग्निवास*
26+01+01=28÷4=00 प्रथ्वी लोक में।
*शिववास*
26+26+5=57÷7 =01 कैलाश वासे।
व्रत पर्व विवरण- पापमोचनी एकादशी,षडशीति-मीन संक्रांति (पुण्यकाल: सूर्योदय से दोपहर 12:36 तक)
विशेष – हर एकादशी को श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से घर में सुख शांति बनी रहती है l *राम रामेति रामेति । रमे रामे मनोरमे ।। सहस्त्र नाम त तुल्यं । राम नाम वरानने ।।*
आज एकादशी के दिन इस मंत्र के पाठ से विष्णु सहस्रनाम के जप के समान पुण्य प्राप्त होता है l
एकादशी के दिन बाल नहीं कटवाने चाहिए।
एकादशी को चावल व साबूदाना खाना वर्जित है | एकादशी को शिम्बी (सेम) ना खाएं अन्यथा पुत्र का नाश होता है।
जो दोनों पक्षों की एकादशियों को आँवले के रस का प्रयोग कर स्नान करते हैं, उनके पाप नष्ट हो जाते हैं।
*पापमोचनी एकादशी*
15 मार्च : पापमोचनी एकादशी (व्रत करने पर पापराशि का विनाश)
*प्रदोष व्रत*
हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक महिने की दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत किया जाता है। ये व्रत भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। इस बार , सोमवार को सोमप्रदोष व्रत है। इस दिन भगवान शिव की विशेष पूजा की जाती है। प्रदोष पर व्रत व पूजा कैसे करें और इस दिन क्या उपाय करने से आपका भाग्योदय हो सकता है, जानिए…
*ऐसे करें व्रत व पूजा*
प्रदोष व्रत के दिन सुबह स्नान करने के बाद भगवान शंकर, पार्वती और नंदी को पंचामृत व गंगाजल से स्नान कराएं।
इसके बाद बेल पत्र, गंध, चावल, फूल, धूप, दीप, नैवेद्य (भोग), फल, पान, सुपारी, लौंग, इलायची भगवान को चढ़ाएं।
पूरे दिन निराहार (संभव न हो तो एक समय फलाहार) कर सकते हैं) रहें और शाम को दुबारा इसी तरह से शिव परिवार की पूजा करें।
भगवान शिवजी को घी और शक्कर मिले जौ के सत्तू का भोग लगाएं। आठ दीपक आठ दिशाओं में जलाएं।
भगवान शिवजी की आरती करें। भगवान को प्रसाद चढ़ाएं और उसीसे अपना व्रत भी तोड़ें।उस दिन ब्रह्मचर्य का पालन करें।
*ये उपाय करें*
सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करने के बाद तांबे के लोटे से सूर्यदेव को अर्ध्य देें। पानी में आकड़े के फूल जरूर मिलाएं। आंकड़े के फूल भगवान शिवजी को विशेष प्रिय हैं । ये उपाय करने से सूर्यदेव सहित भगवान शिवजी की कृपा भी बनी रहती है और भाग्योदय भी हो सकता है।
*नवरात्रि*
19 मार्च 2026 दिन गुरुवार सुबह 06:54 बजे से प्रतिपदा प्रारंभ।
06:53 बजे से 08:17 बजे तक शुभ, दिवा 11:16 बजे से 12:46 बजे तक चंचल वेला, दिवा 12:46 बजे से 03:46 बजे तक लाभ अमृत वेला में पूजन एवं घट स्थापना करना शुभ रहेगा।
26 मार्च 2026 दिन गुरुवार दुर्गाष्टमी एवं श्री राम नवमी पूजा।
27 मार्च 2026 दिन शुक्रवार नवमी पूजन, हवन एवं कन्या भोज।
28 मार्च 2026 दिन शनिवार श्री धर्मराज दशमी।
*पंचक*
16 मार्च 2026 दिन सोमवार शाम 06:14 बजे से 20 मार्च 2026 दिन शुक्रवार रात्रि 02:28 बजे तक।
*एकादशी*
15 मार्च 2026 दिन रविवार पापमोचनी एकादशी।
29 मार्च 2026 दिन रविवार कामदा एकादशी।
*प्रदोष व्रत*
16 मार्च 2026 दिन सोमवार प्रदोष व्रत।
30 मार्च 2026 दिन सोमवार प्रदोष व्रत।
*पूर्णिमा*
01 अप्रैल 2026 दिन बुधवार वृत पूर्णिमा।
02 अप्रैल 2026 दिन गुरुवार स्नान दान पूर्णिमा।
*अमावस्या*
18 मार्च 2026 दिन बुधवार पितृ कार्य अमावस्या।
19 मार्च 2026 दिन गुरुवार स्नान दान अमावस्या।
*पंo वेदान्त अवस्थी*

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